मोरना (मुजफ्फरनगर)। भोपा थाना क्षेत्र के गांव बेहड़ा थ्रू निवासी 40 वर्षीय मजदूर की आगरा में नाला निर्माण कार्य के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। हादसे की खबर गांव पहुंचते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं अचानक हुई मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। हादसे की सूचना मिलने के बाद परिजन शव लेने के लिए आगरा रवाना हो गए।

मजदूरी के लिए आगरा गया था सुशील
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव बेहड़ा थ्रू निवासी सुशील कुमार पुत्र स्वर्गीय गोरखा मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। मृतक के भतीजे पवन कुमार ने बताया कि शनिवार को सुशील मजदूरी के सिलसिले में आगरा गया था। वहां एक मंडी के समीप नाला निर्माण का कार्य चल रहा था।

बताया गया कि निर्माण कार्य के दौरान अचानक हादसा हो गया। हादसा इतना गंभीर था कि सुशील कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें निर्माण कार्य के दौरान हुए हादसे का दृश्य दिखाई दे रहा है।
हादसे की खबर मिलते ही परिवार में मची चीख-पुकार
सुशील की मौत की सूचना जैसे ही गांव में उसके परिजनों को मिली, परिवार में चीख-पुकार मच गई। पत्नी रूबी और वृद्ध मां ओमी का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की दो मासूम बेटियों के सिर से भी पिता का साया उठ गया। परिजनों और रिश्तेदारों का कहना है कि सुशील परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य था और मजदूरी करके घर का खर्च चलाता था।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद परिजन तत्काल आगरा के लिए रवाना हो गए, जहां आवश्यक कार्रवाई पूरी होने के बाद शव को गांव लाने की तैयारी की जा रही है। मंगलवार देर शाम तक शव के गांव पहुंचने की संभावना जताई गई है।
परिवार के सामने खड़ा हुआ रोजी-रोटी का संकट
सुशील की अचानक हुई मौत से परिवार के सामने अब रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार, मृतक मजदूरी कर अपने परिवार की जरूरतें पूरी करता था। उसकी असमय मौत ने परिवार को आर्थिक और भावनात्मक रूप से गहरे संकट में डाल दिया है।
घटना के बाद गांव के गणमान्य लोगों और ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार की स्थिति को देखते हुए तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य की मौत के बाद शासन और प्रशासन को पीड़ित परिवार की मदद के लिए आगे आना चाहिए।
ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को उचित सरकारी मुआवजा दिलाने के साथ परिवार की अन्य आवश्यक मदद सुनिश्चित करने की भी मांग की है। घटना के बाद से गांव में मातम का माहौल है और हर कोई सुशील की असमय मौत से गमगीन है।

