अलविदा जुम्मे की नमाज में दुआओं के लिए उठे हजारों हाथ

अलविदा जुम्मे की नमाज में दुआओं के लिए उठे हजारों हाथ

कैराना। जामा मस्जिद में अलविदा जुमे की नमाज अदा करने के लिए कस्बे के विभिन्न स्थानों से भारी संख्या में लोग पहुंचे। लोगों ने मुल्क में खुशहाली की दुआ मागी। इसमें युवा व बुजुर्ग के अलावा बच्चे भी शामिल थे। रमजान के अन्य जुमे की तुलना आखिरी जुमे को इबादत करने वाले लोगों की संख्या कहीं अधिक थी। लोगों की तादात बढ़ने पर अतिरिक्त दरी-चादनी का इंतजाम भी किया गया। करीब-करीब सभी मस्जिदों में दोपहर 12.30 बजे से लेकर 2.30 बजे के बीच अलविदा की नमाज अदा की गई। इसमें जामा मस्जिद समेत अन्य मस्जिदों में लोगों ने नमाज अदा की। जामा मस्जिद में शुक्रवार सुबह से ही दूरदाज से लोगों का आना-जाना शुरू हो गया था। दोपहर में जुमे की नमाज अदा की गई। इस अवसर पर पुलिस ने चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवानों को तैनात करने के साथ-साथ जाने वाले सभी मार्गो को बंद कर दिया था। मार्गो को नमाज के बाद वाहनों की आवाजाही के लिए खोला गया।
वहीं, जामा मस्जिद के इमाम ताहिर हसन ने कहा कि सारे मुसलमानों को अच्छा इंसान बनकर जीना चाहिए। अच्छा इंसान वो होता है जिसका रिश्ता अपने मालिक के साथ अच्छा हो और बड़ों की इज्जत और छोटों पर रहम करने वाला हो। सारे इंसान खाली बर्तन की तरह हैं, बर्तन की कीमत उसमें रखे सामान से लगाई जाती हैं।
ज्ञात रहे कि अलविदा जुमे की नमाज का विशेष महत्व होता है। यह अफजल जुमा होता है। इससे जहन्नुाम से निजात मिलती है। इसमें सबसे ज्यादा फल मिलता है। यह आखिरी असरा है, जिसमें एक ऐसी रात होती है, जिसे तलाशने पर हजारों महीने की इबादत का लाभ एक साथ मिलता है।

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