अपने बिछाए जाल में फंसते दिख रहे हैं अफसर, अवैध कॉलोनाइजरों की लिस्ट के बाद क्यों तूल पकड़ रहा मामला

अयोध्या में कॉलोनाइजरों की कथित सूची का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। हर दिन अलग-अलग खुलासों के जरिए अफसरों को घेरने और प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। उधर एडीए की ओर से कॉलोनाइजरों की अधिकृत सूची नहीं जारी करने की सफाई देने के बाद भी अफसर अपने बिछाए जाल में खुद फंसते दिखाई दे रहे हैं। इस बीच अयोध्या विकास प्राधिकरण बोर्ड के सदस्य परमानन्द मिश्र व कमलेश श्रीवास्तव ने प्राधिकरण के अधिकारियों व कृत्यों व निर्देशों की स्पेशल इन्वेसटिगेशन टीम (एसआईटी) से जांच कराने की मांग की है।

बोर्ड के सदस्यों ने इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में कहा गया है कि विकास प्राधिकरण के एक अधिकारी ने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह व कुछ पत्रकारों को 40 अवैध प्लाटिंगकर्ता व कॉलोनाइजरों की सूची वायरल की है जिसमें भाजपा के जनप्रतिनिधियों के नाम शामिल किए गए हैं। सूची में जिन लोगों के नाम हैं उनमें अनेकों लोगों के मकान के नक्शे विकास प्राधिकरण की ओर से स्वीकृत किए गए हैं। भेजी गई शिकायत में यह भी कहा गया है कि जारी की गई सूची के माध्यम से भाजपा के जनप्रतिनिधियों को बदनाम करने का प्रयास किया गया है।

बोर्ड के सदस्यों ने मांग की है कि इस प्रकरण की जांच एसआईटी या उच्च न्यायालय के किसी अवकाश प्राप्त जज से कराई जानी चाहिए। विकास प्राधिकरण बोर्ड के सदस्य परमानन्द मिश्र व कमलेश श्रीवास्तव ने विकास प्राधिकरण अध्यक्ष को एक पत्र देकर प्राधिकरण बोर्ड की बैठक तत्काल कराने की मांग की है।

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