बागपत। आचार्य श्री 108 विमर्श सागर जी महाराज के सुशिष्य मुनि श्री विशुभ्र सागर जी महाराज एवं मुनि श्री विश्वार्क सागर जी महाराज के सानिध्य संत कुटी, अजितनाथ धर्मशाला मंडी घनश्याम गंज बडौत में दसलक्षण व्रत करने वाले श्रावक व्रतियो का सम्मान किया।

अजितनाथ मन्दिर कमेटी के तत्वावधान मे विमर्श जागृति मंच द्वारा किया गया। धर्म सभा मे बोलते हुए मुनि विशुभ्र सागर जी महाराज ने कहा कि जिन श्रावको ने व्रत के द्वारा अपने कर्म की निर्जरा की है, उन्हे मेरा भरपूर आशीर्वाद है, सभी श्रावको तपस्या मे इसी प्रकार आगे बढ़ते रहे, यही कामना है।
मुनि श्री ने कहा कि हमेशा सभी को मधुर वाणी मे बोलना चाहिए. हम मीठा बोलकर सामने वाले पर बहुत अच्छा प्रभाव डालते है, जबकि कटु भाषा हमारे संबंधो को तो खराब करती ही है, अपितु सामने वाले पर विपरीत प्रभाव डालती है। सभा का संचालन वरदान जैन के किया. आशीष जैन द्वारा सभी श्रावक व्रतियों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सभा मे अध्यक्ष सुभाष जैन, मुकेश जैन, वरदान जैन,प्रवीण जैन, अंकुर जैन, विवेक जैन, मोहित जैन, अमित जैन, हंस कुमार जैन, वकील चंद जैन आदि उपस्थित थे।
