हाउस अरेस्ट को धता बताकर सहारनपुर पहुंचे सांसद हरेंद्र मलिक, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप; 13 पुलिसकर्मी निलंबित

हाउस अरेस्ट को धता बताकर सहारनपुर पहुंचे सांसद हरेंद्र मलिक, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप; 13 पुलिसकर्मी निलंबित

मुजफ्फरनगर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद हरेंद्र मलिक के हाउस अरेस्ट के बावजूद अचानक सहारनपुर पहुंचने से मुजफ्फरनगर पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। कड़ी निगरानी के बीच सांसद अपने आवास से निकलकर सहारनपुर पहुंच गए। उनके साथ सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी भी मौजूद रहे। सांसद के इस तरह पुलिस की निगरानी से निकल जाने के बाद ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है। सिविल लाइन और शहर कोतवाली में तैनात दो उपनिरीक्षकों समेत कुल 13 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

बताया गया कि सहारनपुर में हाल ही में सामने आए मस्जिद ध्वस्तीकरण प्रकरण के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। इसी मामले की वास्तविक स्थिति जानने के लिए सांसद हरेंद्र मलिक सहारनपुर पहुंचे। वहां मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह किसी जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहते। वह मौके पर जाकर पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति समझने और संबंधित लोगों से बातचीत करने के उद्देश्य से पहुंचे हैं।

सांसद ने कहा कि वह मौके की स्थिति का जायजा लेने के साथ प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाएंगे। इसके बाद तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार की जाएगी और उसी के आधार पर समाजवादी पार्टी की ओर से मामले को लेकर अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट किया जाएगा।

इधर, सांसद के हाउस अरेस्ट के दौरान अचानक सहारनपुर पहुंच जाने की जानकारी मिलते ही मुजफ्फरनगर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सांसद की निगरानी और सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठे। मामले की जांच के बाद ड्यूटी में अपेक्षित सतर्कता नहीं बरतने के आरोप में पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई।

थाना सिविल लाइन में तैनात उपनिरीक्षक पंकज कुमार और उपनिरीक्षक मुकुल कुशवाहा के अलावा कांस्टेबल महेंद्र प्रताप सिंह, रिक्रूट कांस्टेबल विवेक कुमार, विशाल कुमार, मोनू कुमार और अमित शर्मा को निलंबित किया गया है।

वहीं शहर कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक नितिन कुमार और उपनिरीक्षक यशपाल सिंह के साथ कांस्टेबल नदीम, निशांत कुमार, दीपक गौतम और दिनेश कुमार पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई है।

सांसद की निगरानी के लिए लगाई गई पुलिस व्यवस्था के बावजूद उनका दूसरे जिले तक पहुंच जाना पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। मामले में कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में भी हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण प्रकरण को लेकर पहले से ही राजनीतिक बयानबाजी जारी है। ऐसे में सपा के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद हरेंद्र मलिक का सहारनपुर पहुंचकर मौके की जानकारी लेना इस पूरे मामले को और अधिक राजनीतिक महत्व दे रहा है। वहीं मुजफ्फरनगर में हाउस अरेस्ट के बावजूद सांसद के सहारनपुर पहुंचने और इसके बाद 13 पुलिसकर्मियों के निलंबन ने घटनाक्रम को और चर्चा में ला दिया है।

फिलहाल पुलिस-प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और सहारनपुर में भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *