लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रावण मास पर प्रदेशवासियों के नाम पाती लिखी है। उन्होंने चिठ्ठी में लिखा है कि श्रावण में निकलने वाली कांवड़ यात्रा एक अनुपम परंपरा है, जो प्रत्येक वर्ष करोड़ों श्रद्धालुओं को शिवभक्ति के सूत्र से जोड़ती है।

मुख्यमंत्री ने लिखा कि मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों, भारतीय परंपराओं में कुछ यात्राएं धार्मिक अनुष्ठान मात्र नहीं होतीं, अपितु वे समाज, संस्कृति, अनुशासन एवं लोकजीवन की जीवंत पाठशाला भी बन जाती हैं। श्रावण में निकलने वाली कांवड़ यात्रा ऐसी ही एक अनुपम परंपरा है, जो प्रत्येक वर्ष करोड़ों श्रद्धालुओं को शिवभक्ति के सूत्र से जोड़ती है।

योगी ने कहा कि प्रत्येक शिवभक्त की यात्रा सम्मानपूर्ण ढंग से संपन्न हो, इसके लिए प्रदेश सरकार कृतसंकल्पित है। व्यवस्थित शिविर, शुद्ध पेयजल, चिकित्सकीय सहायता, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, प्रभावी यातायात प्रबंधन तथा नियंत्रण कक्ष से सतत निगरानी के माध्यम से यात्रा को सुचारु बनाया गया है।
उन्होंने कांवड़ियों से अपील करते हुए कहा कि मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि कांवड़ यात्रा को सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा का उत्सव बनाएं। पर्यावरण-अनुकूल कांवड़ अपनाएं तथा प्लास्टिक-मुक्त जीवन का संकल्प लें। यदि मार्ग में एंबुलेंस अथवा विद्यालय वाहन जा रहा हो, तो उसे प्राथमिकता दें। हमारी छोटी-सी सजगता किसी के लिए बड़ी सहायता बन सकती है।

