कोलंबो। श्रीलंका में आर्थिक और राजनीतिक संकट छाया हुआ है। इसी बीच प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए कार्यवाहक राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने कर्फ्यू का ऐलान किया है। आपको बता दें कि श्रीलंका में गुरुवार सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू लागू रहेगा। कार्यवाहक राष्ट्रपति ने देशव्यापी कर्फ्यू का लगाया है। दरअसल, राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के श्रीलंका छोड़कर मालदीव चले जाने से प्रदर्शनकारी काफी नाराज हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय को भी कब्जे में ले लिया है।

रानिल विक्रमसिंघे ने संसद अध्यक्ष महिंदा यापा अभयवर्धने से ऐसा प्रधानमंत्री नामित करने को कहा जो सर्वमान्य हो। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार रानिल विक्रमसिंघे ने अपने कार्यालय में कैबिनेट सदस्यों के साथ बैठक की। इसमें कहा गया है कि बैठक में शामिल सभी मंत्रियों की राय थी कि जैसे ही सर्वदलीय सरकार बनाने को लेकर कोई समझौता होता है, वे लोग नई सरकार को जिम्मेदारी सौंप देंगे।

रानिल विक्रमसिंघे पर राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के संभावित इस्तीफे से पहले पद छोड़ने का दबाव है। कहा जा रहा है कि राजपक्षे मालदीव से सिंगापुर जा रहे हैं।
राष्ट्रपति आवास और प्रधानमंत्री कार्यालय में कब्जा जमाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने संसद अध्यक्ष के सरकारी आवास के पास प्रदर्शन करने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर उन्हें तितर-बितर कर दिया। इस दौरान दम घुटने की वजह से एक 26 वर्षीय प्रदर्शनकारी की मौत हो गई। प्रदर्शनकारी कोलंबो के एक निजी अस्पताल में इलाज करा रहा था।