बर्मिंघम। भारत ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पहले मैच में शुरू से लेकर आख़िरी तक दबदबा बनाकर रखा था, ऐसे में अब उनके लिए समस्याएं नहीं होनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं है। भारत के लिए कई समस्या बढ़ जाएंगी जब उसके स्टार खिलाड़ी विराट कोहली और ऋषभ पंत शनिवार को होने वाले दूसरे मैच के लिए टीम में लौटेंगे। भारत अच्छी तरह से जानता है, कि उसे टी20 विश्व कप से पहले इनका निपटारा भी करना होगा। कैसे वह विराट कोहली की फ़ॉर्म के मसले को संभालते हैं? कहां वह ऋषभ पंत को जगह देते हैं? हरफ़नमौला खिलाड़ियों में कौन जगह बनाता है?
विराट की जगह टीम इंडिया की एकादश में कहां बनती है, यह एक बड़ा सवाल है। जरा एक नज़र डालनी पड़ेगी कि उनकी अनुपस्थिति में किस खिलाड़ी ने क्या किया है।
दीपक हुड्डा ने छह ही टी20 खेले है। लेकिन उन्होंने बहुत ज़ल्द टीम की हाई रिस्क हाई रिटर्न पॉलिसी को अपना लिया है। उन्होंने चार पारियों में 172.26 के स्ट्राइक रेट से 205 रन जड़ दिए हैं। उनका लखनऊ सुपर जाएंट्स के लिए खेलते हुए उनका आईपीएल सीज़न भी ज़बरदस्त रहा था। उन्होंने 14 पारियों में नंबर तीन या चार पर खेलते हुए 136.66 के स्ट्राइक रेट से 451 रन बनाए थे। वह ज़रूरत पड़ने पर ऑफ़ स्पिन भी डाल लेते हैं।इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पहले टी20 में हुड्डा ने नंबर तीन पर खेलते हुए 17 गेंद में 33 रन बनाए थे। वह जब तीसरे ओवर में क्रीज़ पर आए तब स्कोर एक विकेट पर 29 रन था और जब वह नौवें ओवर में आउट हुए तब स्कोर तीन विकेट पर 89 रन था। कुल मिलाकर वह अपना काम कर चुके थे।
अब सूर्यकुमार यादव को देखें , जो 360 डिग्री बल्लेबाज़ हैं। वह हर भूमिका में सटीक बैठ जाते हैं। सूर्यकुमार ने कोहली की कप्तानी में मार्च 2021 में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ डेब्यू किया था। 15 टी20 पारियों में उन्होंने 170 के स्ट्राइक रेट से 405 रन बना दिए हैं।सूर्यकुमार के पास पहली ही गेंद से बड़े शॉट खेलने की काबिलियत है। स्पिन के ख़िलाफ़ भी उन्होंने 43 टी20 (आईपीएल और भारत) में 140 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं, जो 2020 से चौथा सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइक रेट है। उनका 39.43 का औसत भी रहा है। हुड्डा की तरह पहले टी20 में सूर्यकुमार ने भी प्रभावित किया था। उन्होंने 19 गेंद में 39 रन बनाए थे, जहां लग ही नहीं रहा था कि वह स्लॉग कर रहे हैं, क्योंकि वह ऐसा कर ही नहीं रहे थे। वह अंतिम समय तक गेंद को देखते और कलाईयों के सहारे गेंद को रैंप या स्कूप कर देते और उनके अंदर गेंद को पुल करने की भी काबिलियत है।
अब कोहली आते हैं। उन्हें कहां खेलना चाहिए, वह केएल राहुल की अनुपस्थिति में ओपन कर सकते हैं, लेकिन इससे इशान किशन को बाहर बैठना होगा, लेकिन यह राहुल द्रविड़ की प्रत्येक खिलाड़ी को उनका रोल दिए जाने की पॉलिसी के ख़िलाफ़ होगा। किशन को बैकअप पर रखकर और कोहली को खिलाने से भारतीय टीम का सिरदर्द ही बढ़ेगा। इसके बाद उनका स्लॉट नंबर तीन है।
