वाराणसी शिक्षक MLC सीट पर सपा का कब्जा बरकरार! लाल बिहारी यादव लगातार दूसरी बार जीते, स्नातक सीट पर आशुतोष सिन्हा आगे

वाराणसी शिक्षक MLC सीट पर सपा का कब्जा बरकरार! लाल बिहारी यादव लगातार दूसरी बार जीते, स्नातक सीट पर आशुतोष सिन्हा आगे

वाराणसी। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के बाद बुधवार को समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव ने लगातार दूसरी बार सीट जीत ली है। सपा उम्मीदवार को 10,958 वोट मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार डॉ प्रमोद कुमार मिश्रा 6,060 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे।

कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश ने इस सीट पर जीत की आधिकारिक घोषणा कर दी है। सपा के लाल बिहारी यादव का मतगणना में शुरूआत से ही बढ़त मिलने लगी थी। सपा प्रत्याशी को प्रथम चक्र में 6941 मत और भाजपा के डॉ प्रमोद मिश्रा को 3005 मत मिला। मतगणना के दूसरे चक्र में सपा उम्मीदवार को 4017 और भाजपा उम्मीदवार को 3055 मत मिला। सपा प्रत्याशी की जीत पर पहड़िया मंडी स्थित मतगणना स्थल पर पार्टी के नेताओं ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया और सोशल मीडिया के जरिए कायकर्ता जीत की जानकारी साझा करते रहे। उधर, वाराणसी स्नातक सीट पर भी समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार आशुतोष सिंहा बढ़त बनाए हुए है। मतगणना में सपा उम्मीदवार को पहले चरण में 5232 और दूसरे चरण में 5186 मत मिला था।

वहीं,भाजपा के प्रत्याशी केदारनाथ सिंह को पहले चरण में 3733 और दूसरे चरण में 3734 मत मिला था। पहड़िया मंडी स्थित मतगणना स्थल पर बंडलिंग पूरी होने के बाद गिनती शुरू होते ही सपा उम्मीदवार आशुतोष सिन्हा ने जिला प्रशासन पर मतगणना में गड़बड़ी की आशंका भी जताई । सपा प्रत्याशी ने चुनाव आयोग से इस मामले को संज्ञान लेने की मांग की। सपा का आरोप है कि प्रशासन की ओर से मतगणना की आधिकारिक घोषणा नहीं की जा रही है। मतगणना के संबंध में डिस्प्ले भी नहीं किया जा रहा है।

चंदौली से समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेन्द्र सिंह ने पत्रकारों को बताया कि वाराणसी खंड से पार्टी के शिक्षक निर्वाचन के प्रत्याशी लाल बिहारी यादव निर्वाचित हो चुके है। स्नातक पद के पार्टी उम्मीदवार भी बढ़त बनाए हुए है। उन्होंने मांग किया कि वाराणसी जिला प्रशासन प्रत्येक चक्र के मतगणना की घोषणा सार्वजनिक रूप से करे। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन नेताओं और कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति पैदा करने की कोशिश कर रहा है। किसी प्रकार की जानकारी नहीं मिल रही है। फिर भी सपा कार्यकर्ता धैर्य बनाकर इंतजार कर रहे हैं। पार्टी के शिक्षक पद के प्रत्याशी लाल बिहारी यादव को जीतने के बाद भी 6 घंटे तक सार्वजनिक घोषणा नहीं किया जाना संदेहास्पद है।

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