वाराणसी में सावन के दूसरे सोमवार काशी विश्वनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, 10 बजे तक 2.65 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

वाराणसी में सावन के दूसरे सोमवार काशी विश्वनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, 10 बजे तक 2.65 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

वाराणसी। सावन माह के दूसरे सोमवार को पहले सोमवार की तुलना में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन के लिए अधिक श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। मंदिर में मंगला आरती के बाद से पूर्वांह 10 बजे तक दो लाख 65 हज़ार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन कर लिया था। इसके बाद भी लाखों श्रद्धालुओं के अनवरत आगमन को देख जिला प्रशासन सतर्क है। व्यवस्था को परखने के साथ गोदौलिया और दशाश्वमेध क्षेत्र में खुद इसकी कमान जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार संभाले रहे।

जिलाधिकारी ने मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं/कावड़ियों को मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वच्छता, सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के लिए आए शिव भक्तों एवं श्रद्धालुओं से बातचीत कर उनकी सुविधाओं और व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

श्रद्धालुओं से दर्शन के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई, पेयजल, साफ-सफाई, आवागमन तथा अन्य व्यवस्थाओं के बारे में फीडबैक लिया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को निरंतर बेहतर बनाए रखा जाए तथा श्रद्धालुओं को सुगम एवं व्यवस्थित दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। भीड़ के दृष्टिगत आवश्यक व्यवस्थाएं प्रभावी रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा कंट्रोल रूम में बैठकर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को भी परखा।

उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। इस दौरान जिलाधिकारी ने समस्त श्रद्धालुओं एवं प्रदेशवासियों को सावन माह के द्वितीय सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान शिव की कृपा सभी पर बनी रहे तथा सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं उत्तम स्वास्थ्य का संचार हो।

उधर, मंदिर में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने दूसरे सोमवार को सात नहीं, छह गेट से ही श्रद्धालुओं को प्रवेश देने का निर्देश दिया है। शिवभक्तों को धाम के गंगा-भैरव द्वार की ओर से दर्शन-पूजन करने की अनुमति नहीं दी गई है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के चलते सुरक्षा कारणों से गंगा द्वार बंद कर दिया गया है।

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