वाराणसी। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में गंगा नदी के किनारे बाढ़ का पानी कम होते ही नगर निगम ने गंगा घाटों पर सफाई की व्यापक कार्ययोजना तैयार कर ली है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने शनिवार को गंगा घाटों पर सिल्ट (गाद) सफाई कार्य की नियमित निगरानी के लिए अफसरों को जिम्मेदारी सौंपी है। आदिकेशव घाट से लेकर रविदास घाट व रामघाट तक सभी 85 गंगा घाटों को अलग-अलग जोन और क्लस्टर में बांटकर पर्यवेक्षणीय व नोडल अधिकारियों को तैनात किया गया है। पर्यवेक्षणीय अधिकारियों को प्रतिदिन अपने आवंटित घाट का निरीक्षण कर ‘ऑफिसर्स ग्रुप’ में जियोटैग फोटो शेयर करनी होगी।

नगर आयुक्त के अनुसार अफसरों को स्थलीय निरीक्षण कर तीन दिनों के भीतर कार्य की प्रगति आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए है। सफाई व्यवस्था में किसी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त ने घाटों की सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए अपर नगर आयुक्त दुर्गेश कुमार मिश्रा, विनोद कुमार गुप्ता, पवन कुमार गुप्ता, सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव, जोनल अधिकारी इन्द्र विजय, मनोज कुमार सिंह, मृत्युन्जय नारायण मिश्रा, प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी संदीप भार्गव, जोनल स्वच्छता अधिकारी क्षितिज मिश्रा, राजीव कुमार और संयुक्त नगर आयुक्त कृष्णचंद्र को विभिन्न घाटों का प्रभार सौंपा गया है।

अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि घाटों की सीढ़ियों और प्लेटफॉर्म से गाद को पूरी तरह साफ कराया जाए। निकाली गई सिल्ट को घाटों पर जमा छोड़ने के बजाय तत्काल उठाकर तय स्थलों पर निस्तारित किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आवागमन में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

