मोरना। मोरना ब्लॉक स्थित आरसीटी संस्थान में पशुपालक प्रशिक्षण के आखिरी दिन वंदे मातरम बोलने को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। प्रशिक्षण ले रहे एक युवक ने अपने ही बैच के तीन प्रशिक्षुओं पर कथित तौर पर जबरन वंदे मातरम बोलने का दबाव बनाने, विरोध करने पर गला दबाकर नीचे गिराने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने घटना को लेकर थाना भोपा पुलिस को लिखित शिकायत दी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

मुजफ्फरनगर के खालापार क्षेत्र निवासी मौ. शाबाद ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह मोरना ब्लॉक स्थित आरसीटी संस्थान में पशुपालक का प्रशिक्षण लेने गया था। प्रशिक्षण कार्यक्रम 12 दिनों का था और शनिवार पांच सितंबर को इसका अंतिम दिन था। पीड़ित के अनुसार, रोजाना की तरह शनिवार को भी संस्थान में प्रशिक्षण चल रहा था।

बताया गया कि दोपहर करीब ढाई बजे प्रशिक्षण दे रहे शिक्षक ने अपनी कक्षा पूरी करने के बाद कमरे से बाहर कदम रखा। शाबाद का आरोप है कि शिक्षक के बाहर जाते ही कक्षा में मौजूद तीन प्रशिक्षुओं ने उसे घेर लिया और उसके साथ विवाद शुरू कर दिया। पीड़ित ने शिकायत में इन युवकों की पहचान अंकुर चौधरी, तरुण चौधरी और रितिक चौधरी के रूप में बताई है।
वंदे मातरम बोलने के लिए दबाव बनाने का आरोप
मौ. शाबाद का आरोप है कि तीनों युवकों ने उसे पकड़ लिया और जबरन वंदे मातरम बोलने के लिए दबाव बनाने लगे। शाबाद ने कथित तौर पर उनसे कहा कि वह अपनी इच्छा से वंदे मातरम बोलेगा और किसी के दबाव में ऐसा नहीं करेगा। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया।
पीड़ित के अनुसार, उसके विरोध करने पर तीनों युवक कथित रूप से आक्रोशित हो गए और उसके साथ मारपीट करने लगे। आरोप है कि तीनों ने मिलकर उसका गला पकड़ लिया और उसे नीचे दबा दिया। शाबाद का कहना है कि इस दौरान उसने खुद को बचाने का प्रयास किया।
शिकायत में पीड़ित ने यह भी बताया कि आरसीटी संस्थान के कमरे में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। आरोप है कि कैमरों में घटना रिकॉर्ड होने की आशंका के चलते तीनों युवकों ने उसका गला छोड़ दिया। इसके बाद भी कथित तौर पर उन्होंने उसे धमकाया और कहा कि वह उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
पीड़ित का आरोप है कि युवकों ने अपनी पहुंच बड़े नेताओं तक होने की बात कहते हुए उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। घटना के बाद शाबाद परेशान हो गया और प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद संस्थान से निकलकर सीधे थाना भोपा पहुंचा। वहां उसने पुलिस को लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सीसीटीवी फुटेज से सामने आ सकती है घटना की सच्चाई
मामले में थाना भोपा प्रभारी निरीक्षक आशुतोष कुमार ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मोरना स्थित आरसीटी संस्थान में पशुपालकों का प्रशिक्षण चल रहा था और शनिवार को उसका अंतिम दिन था। इसी दौरान एक प्रशिक्षु की ओर से लिखित शिकायत प्राप्त हुई है।
प्रभारी निरीक्षक के अनुसार, पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता की पड़ताल की जाएगी। संस्थान में सीसीटीवी कैमरे लगे होने की बात सामने आई है, इसलिए पुलिस घटना के समय की फुटेज की भी जांच कर सकती है। फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
पुलिस संबंधित लोगों और संभावित प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पशुपालक प्रशिक्षण के अंतिम दिन सामने आए इस विवाद के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। फिलहाल पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था।

