लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है,शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए-इमरान मसूद

लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है,शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए-इमरान मसूद

सहारनपुर। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने नीट समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को गंभीर बताते हुए कहा कि लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, इसलिए किसी को इसकी जिम्मेदारी तो लेनी ही पड़ेगी। इमरान मसूद ने कहा कि हर मां अपने बच्चे से प्यार करती है और आज बच्चों के अंदर जो डर और चिंता है, वही देश के माहौल में भी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और उन्हें अपना भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है।

 

उनका कहना है कि जब परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होते हैं तो विद्यार्थियों को मानसिक आघात पहुंचता है और उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर इन घटनाओं की जिम्मेदारी किसकी है? उनका कहना है कि नैतिकता के आधार पर शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली घटनाओं में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिसके कारण ऐसी घटनाएं दोबारा सामने आ रही हैं।

 

मसूद ने कहा कि यदि पहले कठोर कदम उठाए गए होते तो बार-बार पेपर लीक की घटनाएं नहीं होतीं। सांसद ने सरकार के उन दावों पर भी सवाल उठाया, जिनमें सीसीटीवी और ऑनलाइन निगरानी जैसी व्यवस्थाओं के जरिए पेपर लीक रोकने की बात कही जाती है। उन्होंने कहा कि यदि तैयारियां वास्तव में प्रभावी होतीं तो प्रश्नपत्र लीक होने की नौबत ही नहीं आती। भाजपा नेताओं के उस बयान पर भी मसूद ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि विदेश में बैठे कुछ लोग युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।

 

इस पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि युवाओं का भविष्य किसी और से नहीं, बल्कि सरकार की नीतियों से प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार देने के वादे पूरे नहीं किए जा रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। मसूद ने कहा कि युवाओं को रोजगार और बेहतर शिक्षा चाहिए, लेकिन उन्हें निराशा का सामना करना पड़ रहा है। खान सर के कोचिंग संस्थान को लेकर उठे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए मसूद ने कहा कि मुख्य बहस का विषय नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की खामियां होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता है, न कि मुद्दों को भटकाने की। पश्चिम बंगाल में मदरसों के सर्वे के मुद्दे पर भी उन्होंने भाजपा की आलोचना की। मसूद ने कहा कि जब पेपर लीक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान नहीं हो पा रहा है, तब सरकार और भाजपा मदरसों के मुद्दे को आगे बढ़ाने में लगी हुई है।

 

उन्होंने इसे सरकार का भटकाने वाला एजेंडा बताया। इंडिया गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर इमरान मसूद ने कहा कि देश अब स्पष्ट रूप से दो वैचारिक ध्रुवों की ओर बढ़ रहा है। उनके अनुसार, एक पक्ष का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं, जबकि दूसरे पक्ष का नेतृत्व कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हाथों में है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देश की राजनीति में सीधी वैचारिक लड़ाई देखने को मिलेगी और जनता अपनी विचारधारा के अनुसार निर्णय लेगी। एलपीजी गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों को लेकर भी उन्होंने दावा किया कि कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पहले भी संसद में महंगाई और आर्थिक चुनौतियों को लेकर सरकार को आगाह कर चुके हैं, लेकिन उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया गया।

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