लखनऊ में ऑनलाइन नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा गया, पांच जालसाज गिरफ्तार

लखनऊ में ऑनलाइन नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा गया, पांच जालसाज गिरफ्तार

लखनऊ। साइबर क्राइम सेल और साइबर थाना लखनऊ की संयुक्त पुलिस टीम ने देशभर के नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों से ऑनलाइन नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच जालसाजों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे 11 की-पैड मोबाइल फोन, 2 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 102 वर्क डाटा शीट तथा 26 फर्जी जॉइनिंग लेटर, अप्रूवल लेटर और रजिस्ट्रेशन लेटर समेत अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।

 

एडीसीपी किरण यादव ने पत्रकारों को बताया कि साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय), पुलिस उपायुक्त (अपराध) तथा अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई।

 

साइबर क्राइम सेल और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने विभूतिखंड थाना क्षेत्र स्थित जेएस टॉवर की चौथी मंजिल पर संचालित एक अवैध कॉल सेंटर पर छापेमारी कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपी कई वेबसाइटों से नौकरी तलाश रहे युवाओं का डाटा खरीदते थे। इसके बाद कॉल सेंटर में कार्यरत कर्मचारी अभ्यर्थियों को फोन कर अमूल, अमेजन, इन्फोसिस, फ्लिपकार्ट, मैनकाइंड, सुजुकी, पार्ले और सिप्ला जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में आकर्षक वेतन पर नौकरी दिलाने का झांसा देते थे। विश्वास जीतने के लिए आरोपियों द्वारा फर्जी जॉइनिंग लेटर, अप्रूवल लेटर और रजिस्ट्रेशन दस्तावेज व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे जाते थे। उन्होंने बताया कि इसके बाद अभ्यर्थियों से रजिस्ट्रेशन फीस, इंटरव्यू चार्ज, गेट पास शुल्क और अन्य प्रक्रियात्मक खर्चों के नाम पर रकम वसूली जाती थी।

 

ठगी की यह धनराशि फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी। पुलिस द्वारा बरामद मोबाइल नंबरों और आईएमईआई की एनसीआरपी पोर्टल पर जांच करने पर देशभर से कई शिकायतें दर्ज मिलीं। गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का कथित मैनेजर जीशान खान, टीम लीडर सतीश पाल तथा कॉलर के रूप में कार्यरत सोनाली चौरसिया, शिवानी वर्मा और नीलू वर्मा शामिल हैं। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों ने युवाओं से नौकरी के नाम पर किसी भी प्रकार की फीस जमा करने से पहले संबंधित कंपनी और प्रस्ताव की सत्यता जांचने की अपील की है।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *