रोजी-रोटी की तलाश में गया था बेटा, लौटी सिर्फ अर्थी: ऊंचाई से गिरकर मजदूर की मौत से मुजफ्फरनगर में पसरा मातम

रोजी-रोटी की तलाश में गया था बेटा, लौटी सिर्फ अर्थी: ऊंचाई से गिरकर मजदूर की मौत से मुजफ्फरनगर में पसरा मातम

मोरना (मुजफ्फरनगर)। परिवार का सहारा, तीन मासूम बेटियों का पिता और घर का इकलौता कमाऊ सदस्य कपिल कुमार अब इस दुनिया में नहीं रहा। रोजी-रोटी कमाने के लिए दूसरे जनपद में गया युवक काम के दौरान हुए हादसे का शिकार हो गया। ऊंचाई से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल हुए युवक ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मंगलवार देर शाम जब उसका शव पैतृक गांव भुवापुर पहुंचा तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों की चीख-पुकार और बिलखते बच्चों को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।

ककरौली थाना क्षेत्र के गांव भुवापुर निवासी 30 वर्षीय कपिल कुमार पुत्र धर्मपाल अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए बरेली जिले के सेमी खेड़ा स्थित ‘दि गंगा किसान सहकारी चीनी मिल’ में कार्य कर रहा था। बताया गया कि वह मिल परिसर में टीन शेड पर वेल्डिंग का काम कर रहा था। सोमवार सुबह काम के दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह काफी ऊंचाई से सीधे नीचे कंक्रीट के फर्श पर आ गिरा।

हादसा इतना भीषण था कि जमीन पर गिरते ही कपिल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर समेत शरीर के कई हिस्सों में गहरी चोटें आईं। घटना के बाद मिल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सहकर्मियों और मिल प्रबंधन ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसकी हालत बेहद गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया।

एम्स में डॉक्टरों की टीम ने उसे बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन गंभीर चोटों के कारण सोमवार शाम उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। युवक की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

कपिल अपने पीछे पत्नी ममता, पांच वर्षीय पुत्री नैना, दो वर्षीय पुत्री और एक वर्ष की मासूम बच्ची को छोड़ गया है। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी पूरी तरह उसी के कंधों पर थी। उसकी असमय मौत के बाद पत्नी और बच्चों के सामने जीवन-यापन का संकट खड़ा हो गया है। पिता धर्मपाल, माता संतोष तथा भाइयों सोनित और मोहित का रो-रोकर बुरा हाल है।

मंगलवार देर शाम पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कपिल का शव गांव भुवापुर लाया गया। शव पहुंचते ही पूरे गांव में शोक का माहौल छा गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। इसके बाद शुकतीर्थ स्थित श्मशान घाट पर गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया, जहां हर आंख नम नजर आई।

ग्रामीणों ने बताया कि कपिल मेहनती और मिलनसार स्वभाव का युवक था, जो परिवार के बेहतर भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत करता था। उसकी अचानक हुई मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।

ग्रामीणों ने प्रशासन और चीनी मिल प्रबंधन से मांग की है कि मृतक के आश्रितों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए तथा परिवार के किसी सदस्य को रोजगार उपलब्ध कराया जाए, ताकि तीन मासूम बच्चियों और परिवार का भविष्य सुरक्षित हो सके। कपिल की मौत ने एक बार फिर कामकाजी स्थलों पर सुरक्षा मानकों और श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *