नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी लंदन में हैं जहां सभी कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के आइडियाज फॉर इंडिया सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस दौरान राहुल गांधी ने केंद्र के मोदी सरकार और भाजपा पर जमकर निशाना साधा है। इसके साथ ही दावा किया कि कांग्रेस पहले जैसा भारत चाहती हैं और इसके लिए हम लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार हमारी आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। भाजपा सरकार पर हमला करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि देश में रोजगार कम हुए हैं और वह ध्रुवीकरण की वजह से सत्ता बनी हुई है।

लंदन में राहुल गांधी का बयान सामने आया है जहां उन्होंने भारत की तुलना पाकिस्तान से करते हुए पीएम मोदी पर निशाना साधा है। ‘आइडिया फॉर इंडिया’ कॉन्क्लेव में बयान देते हुए राहल ने कहा कि भारत में मीडिया एक तरफ खड़ा होकर काम कर रहा है।

राहुल गांधी पीएम मोदी का विरोध करते करते यहीं पर नहीं रुके आगे उन्होंने ये भी कहा कि बीजेपी ने पूरे देश में केरोसीन फैला दिया है।
इस बार तो राज्यों की शक्तियां कम करने के लिए ED, CBI का जमकर इस्तेमाल हो रहा है। भारत की आवाज़ को एक विचारधारा ने कुचल दिया है। अब ये एक राष्ट्रीय वैचारिक लड़ाई है।
वहीं मीडिया के बारे में बात करते हुए राहुल ने कहा कि देश की मीडिया निष्पक्ष नहीं है।मीडिया भी एक किनारे खड़े होकर एकतरफा व्यवहार कर रही है।
राहुल गांधी ने दावा किया कि रूस जो यूक्रेन में कर रहा है कुछ वैसी ही स्थिति चीन ने लद्दाख में पैदा की है, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार इस बारे में बात तक नहीं करना चाहती। राहुल गांधी ने कहा, रूसी यूक्रेन से कहते हैं कि हम आपकी क्षेत्रीय अखंडता को नहीं स्वीकारते हैं, हम यह मानने से इनकार करते हैं कि दो जिले तुम्हारे हैं..हम उन दो जिलों में हमले करने जा रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित कर सकें कि तुम उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) से गठजोड़ तोड़ दो। गांधी ने कहा, पुतिन (रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन) यही कर रहे हैं। पुतिन कह रहे हैं कि मैं इसके लिए तैयार नहीं हूं कि तुम अमेरिका के साथ गठजोड़ करो… मैं तुम पर हमला करूंगा। कांग्रेस नेता ने दावा किया, यूक्रेन में जो हो रहा है और लद्दाख में जो हो रहा है, उनकी तुलना करिये। कृपया आप देखिए, दोनों जगह समान स्थिति है। गांधी के अनुसार, “चीन की सेनायें लद्दाख़ और डोकलाम दोनों जगह हैं। चीन कह रहा है इन इलाक़ों से आपका (भारत) संबंध तो है लेकिन हम (चीन) नहीं मानते कि यह भूभाग आपका है।” उन्होंने कहा “मेरी समस्या यह है कि वह (भारत सरकार) इस पर कोई बात नहीं करना चाहती।”

