रालोद ने हस्तिनापुर क्षेत्र की नई कार्यकारिणी घोषित की, 73 पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

रालोद ने हस्तिनापुर क्षेत्र की नई कार्यकारिणी घोषित की, 73 पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी की गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से हस्तिनापुर क्षेत्र की नई कार्यकारिणी घोषित कर दी है। क्षेत्रीय अध्यक्ष तरसपाल मलिक की ओर से जारी सूची में कुल 73 पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इनमें नौ क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, 27 क्षेत्रीय महासचिव और 37 क्षेत्रीय सचिव शामिल हैं।

नई कार्यकारिणी में मुजफ्फरनगर के साथ मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, शामली, बागपत, बुलंदशहर और सहारनपुर के नेताओं को स्थान दिया गया है। जिलेवार प्रतिनिधित्व में मेरठ को सबसे अधिक तवज्जो मिली है, जबकि गौतमबुद्धनगर को सबसे कम पद दिए गए हैं। वहीं, इतनी बड़ी कार्यकारिणी में महिलाओं की भागीदारी केवल एक पद तक सीमित रहने से महिला प्रतिनिधित्व को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।

नौ क्षेत्रीय उपाध्यक्षों में मुजफ्फरनगर के नेताओं को जगह

रालोद की नई क्षेत्रीय कार्यकारिणी में नौ नेताओं को क्षेत्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। इनमें मुजफ्फरनगर से मनवीर सिंह भाटी और जगदीश आर्य को जिम्मेदारी दी गई है। शामली से सेनपाल सिंह, मेरठ से विनय मल्लापुर और संजय चौधरी रसूलपुर, बुलंदशहर से योगेंद्र लोधी, हापुड़ से सुनील जाटव, गाजियाबाद से सतीश राठी तथा गौतमबुद्धनगर से बिजेंद्र यादव को क्षेत्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी ने विभिन्न जिलों के नेताओं को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर क्षेत्रीय स्तर पर अपनी सक्रियता और पकड़ बढ़ाने का प्रयास किया है।

27 क्षेत्रीय महासचिवों की सूची जारी

नई कार्यकारिणी में 27 नेताओं को क्षेत्रीय महासचिव बनाया गया है। सूची के अनुसार गाजियाबाद से सुशील तेवतिया और जितेंद्र सिंह कुंडू, गौतमबुद्धनगर से हरवीर सिंह तालान, शामली से अरविंद कुमार झाल, मेरठ से डॉ. गुलजार और अशोक चौधरी, बुलंदशहर से मनोज रानी, गाजियाबाद से योगेंद्र सिंह पातला, शामली से डॉ. मुबारक अली तथा मेरठ से सुरेंद्र नागर को जिम्मेदारी मिली है।

हापुड़ से कृपाल सिंह, मुकेश त्यागी, विकास चौधरी, डॉ. ब्रजेश कश्यप और डॉ. जितेंद्र मलिक को क्षेत्रीय महासचिव बनाया गया है। मुजफ्फरनगर से धर्मेंद्र तोमर, विकास बालियान और बसरत अली को भी इस पद पर स्थान दिया गया है। इसके अलावा सहारनपुर से महावीर सैनी एडवोकेट, रमेश चौहान, अनिल कुमार और मनोज वर्मा, बागपत से भंवर सिंह जाटव, मेरठ से सतीश त्यागी, बागपत से अवधेश राणा और ओमवीर सिंह तथा बुलंदशहर से बृजमोहन त्यागी को भी महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

37 नेताओं को बनाया गया क्षेत्रीय सचिव

नई कार्यकारिणी में सबसे अधिक 37 पद क्षेत्रीय सचिव के रखे गए हैं। जारी सूची में ओंकार मलिक, हरिराज त्यागी, विनोद कुमार, अमित कश्यप, करण ठाकुर, प्रेम चंद भारती, अनिल आर्य, विजेंद्र सिंह भाटी, अशोक खोखर, अभिषेक चौधरी, महिपाल सिंह, सुशील गुर्जर, मनोज सिंह, नितिन बालियान, डॉ. विरेंद्र बंसला, लोकेश चौधरी और बिट्टू खजरपुर को क्षेत्रीय सचिव बनाया गया है।

इनके अलावा एडवोकेट धर्मेंद्र चौधरी, अशोक, यशपाल त्यागी, वीर सिंह, नरेश कुमार, अक्षय मलिक, पप्पू पंवार, देशपाल सिंह, शौकत जंग, नरेंद्र भाटी, देवेंद्र धामा, अक्षय गुर्जर, मुकेश चौधरी, सुधीर चौधरी, सतवीर, जितेंद्र त्यागी, रवि चिकारा, अभिषेक चौधरी, नईम सागर और विकास सिंह के नाम भी सचिवों की सूची में शामिल हैं।

आठ जिलों को प्रतिनिधित्व, मेरठ का दबदबा

हस्तिनापुर क्षेत्र की नई कार्यकारिणी में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आठ जिलों के नेताओं को शामिल किया गया है। इनमें मेरठ को सबसे अधिक पद मिलने की बात सामने आई है। मुजफ्फरनगर के नेताओं को उपाध्यक्ष, महासचिव और सचिव स्तर पर जगह मिलने से जिले में पार्टी संगठन को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, अन्य जिलों के नेताओं को भी अलग-अलग जिम्मेदारियां देकर क्षेत्रीय संगठन में भागीदारी सुनिश्चित की गई है।

73 पदों में महिला भागीदारी केवल एक

नई कार्यकारिणी में महिला प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी चर्चा का विषय बन गया है। कुल 73 पदाधिकारियों वाली टीम में केवल एक महिला को स्थान मिला है। संगठन विस्तार के लिए विभिन्न जिलों के नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन महिलाओं की भागीदारी बेहद सीमित दिखाई दे रही है। राजनीतिक दलों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की चर्चाओं के बीच रालोद की इस क्षेत्रीय कार्यकारिणी में महिला प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।

संगठन विस्तार और राजनीतिक गतिविधियों पर रहेगा जोर

नई कार्यकारिणी के गठन को हस्तिनापुर क्षेत्र में रालोद की संगठनात्मक गतिविधियों को सक्रिय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नवनियुक्त पदाधिकारियों से जिला और क्षेत्रीय स्तर पर संगठन विस्तार, कार्यकर्ताओं से संपर्क तथा पार्टी की नीतियों को जनता तक पहुंचाने की अपेक्षा की जा रही है। अब नई टीम की सक्रियता और कार्यशैली से तय होगा कि रालोद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपने संगठन को कितना मजबूत बना पाती है।

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