नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर भाजपा और ट्रस्ट को लेकर दावा किया कि मंदिर निर्माण के दौरान सैकड़ों करोड़ रुपये की चोरी हुई, सोने-चांदी पिघलाकर बेचे गए और पैसा शेयर बाजार में लगाया गया। उन्होंने इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर डकैती बताते हुए उच्चतम न्यायालय की देखरेख में विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने की मांग की।

प्रमोद तिवारी ने रविवार को यहां कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि मंदिर में सिर्फ चढ़ावे की चोरी नहीं हुई, बल्कि शिला पूजन के समय से ही गड़बड़ियां शुरू हो गई थीं। भाजपा ने मंदिर निर्माण को हमेशा चुनावी मुद्दा बनाए रखा और वास्तविक निर्माण उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद ही संभव हुआ।

उन्होंने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा अधूरे मंदिर में कराई गई और शंकराचार्यों को आमंत्रित नहीं किया गया, जबकि पूजा उन्हीं से कराई जानी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अयोध्या दौरे की तैयारियों पर 112 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जिसमें फूल और कुर्सियों की खरीद कई गुना अधिक कीमत पर की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के दौरान सात बड़े जमीनी सौदे हुए, जिनमें सर्किल रेट से 17 गुना अधिक रकम का भुगतान किया गया। एक सौदे में 2 करोड़ रुपये की जमीन खरीदकर 10 मिनट बाद 18 करोड़ रुपये में बेची गई। मंदिर से ‘चढ़ावा चोरी’ होने पर प्रधानमंत्री भी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।
उन्होंने कहा कि भाजपा ‘चढ़ावा चोरी’ को भुलाने की कोशिश कर रही है, लेकिन उन्हें जवाब देना ही होगा। हमारी मांग है कि उच्चतम न्यायालय की देखरेख में एसआईटी जांच कराई जाए ताकि आस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।

