रक्षाबंधन से पहले मुजफ्फरनगर में मिलावटखोरों पर शिकंजा, मावा भट्टियों पर छापेमारी; 1.63 लाख का दूध-मावा नष्ट

रक्षाबंधन से पहले मुजफ्फरनगर में मिलावटखोरों पर शिकंजा, मावा भट्टियों पर छापेमारी; 1.63 लाख का दूध-मावा नष्ट

मुजफ्फरनगर। रक्षाबंधन और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व को देखते हुए आमजन को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश के निर्देश पर शनिवार 22 अगस्त 2026 को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने तितावी क्षेत्र के ग्राम भैंसारेडी और देर रात ग्राम धनसनी में मावा निर्माण इकाइयों पर छापेमारी की।

सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय अर्चना धीरान और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान टीम ने विभिन्न मावा भट्टियों और निर्माण इकाइयों से कुल 18 विधिक नमूने संग्रहित किए। निरीक्षण के दौरान अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे गए दूध और मावा को मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए जाने पर मौके पर ही नष्ट कराया गया, जबकि बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री को सीज कर दिया गया।

भैंसारेडी में मावा भट्टियों की जांच

अभियान के पहले चरण में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने ग्राम भैंसारेडी में संचालित मावा भट्टियों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान अतिकुर रहमान की मावा भट्टी से मावा और दूध के एक-एक विधिक नमूने लिए गए।

शाहनवाज की मावा भट्टी से मावा और स्किम्ड मिल्क पाउडर के एक-एक नमूने संग्रहित किए गए। वहीं देवेंद्रपाल की मावा भट्टी से मावा और दूध के एक-एक नमूने सील कर जांच के लिए भेजे गए।

धनसनी में देर रात तक चली छापेमारी

भैंसारेडी के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने देर रात ग्राम धनसनी में स्थित मावा निर्माण इकाइयों पर छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान टीम को मावा निर्माण में मानकों के विपरीत वनस्पति और इंटरस्टेरिफाइड वेजिटेबल फैट के इस्तेमाल के संकेत मिले।

सलमुद्दीन की मावा भट्टी से मावा, वनस्पति और स्किम्ड मिल्क पाउडर के एक-एक नमूने लिए गए। शमशुद्दीन की मावा भट्टी से मावा, इंटरस्टेरिफाइड वेजिटेबल फैट और स्किम्ड मिल्क पाउडर के नमूने संग्रहित किए गए।

मीराजुद्दीन की मावा भट्टी से मिश्रित दूध, मावा, स्किम्ड मिल्क पाउडर और वनस्पति के एक-एक नमूने लिए गए। वहीं शकील की मावा भट्टी से मावा और स्किम्ड मिल्क पाउडर के एक-एक विधिक नमूने संग्रहित किए गए।

1.63 लाख रुपये का दूध और मावा नष्ट

निरीक्षण के दौरान कुछ खाद्य सामग्री अस्वच्छ और अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में भंडारित मिली। खाद्य सुरक्षा विभाग ने प्रथम दृष्टया मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए गए दूध और मावा को मौके पर ही नष्ट करा दिया।

कार्रवाई के दौरान करीब 420 लीटर दूध, जिसकी अनुमानित कीमत 25,200 रुपये बताई गई है, नष्ट कराया गया। इसके अलावा करीब 510 किलोग्राम मावा भी मौके पर नष्ट कराया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 1,37,800 रुपये है।

इस तरह कुल करीब 1.63 लाख रुपये मूल्य का दूध और मावा जनहित में मौके पर ही नष्ट कराया गया।

2.32 लाख रुपये की खाद्य सामग्री सीज

छापेमारी के दौरान विभागीय टीम ने करीब 490 किलोग्राम स्किम्ड मिल्क पाउडर भी बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत 2,23,840 रुपये बताई गई है। इसे विधिक प्रक्रिया के तहत सीज कर दिया गया।

इसके अलावा करीब 50 किलोग्राम वनस्पति, जिसकी अनुमानित कीमत 8,810 रुपये है, को भी सीज किया गया। सीज की गई सामग्री की कुल अनुमानित कीमत करीब 2.32 लाख रुपये है।

मावा इकाइयों का संचालन कराया बंद

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिन इकाइयों में मावा तैयार करने के दौरान स्किम्ड मिल्क पाउडर के साथ मानकों के विपरीत वनस्पति के इस्तेमाल की स्थिति सामने आई, उनके संचालन को तत्काल प्रभाव से बंद कराया गया।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। मावा, दूध, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में भी कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम रही मौजूद

छापेमारी और जांच अभियान में खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप सिंह, वैभव शर्मा, सुनील कुमार, डॉ. अश्विनी कुमार, डॉ. विशाल चौधरी, नेहा चौधरी, पूनम कुमारी, भोगेंद्र, अवधेश, महावीर सिंह प्रेमी और निशिकांत सिंह शामिल रहे।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी गुणवत्ता और प्रतिष्ठान की विश्वसनीयता का ध्यान रखें। विभाग ने साफ किया है कि आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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