योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: 50 हजार छात्राओं को मिलेगी रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी, मानसून सत्र 3 अगस्त से

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: 50 हजार छात्राओं को मिलेगी रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी, मानसून सत्र 3 अगस्त से

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी है। मुख्यमंत्री आवास पांच कालिदास मार्ग पर आयोजित इस बैठक में उप्र विधान मण्डल का मानसून सत्र तीन अगस्त से आहूत किए जाने, प्रदेश की लगभग 50 हजार छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना का लाभ दिए जाने समेत अन्य प्रस्तावों पर मुहर लगी है।

कैबिनेट की बैठक के बाद उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में उच्च शिक्षा विभाग से संबंधित तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी मिली है।

पहला प्रस्ताव रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना है। यह योजना महिला सशक्तिकरण और उच्च शिक्षा में छात्राओं को प्रोत्साहन देने के लिए है। इसमें राज्य, निजी और संबद्ध विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों की शैक्षणिक सत्र 2025-26 में उत्तीर्ण छात्राओं में से शीर्ष पांच फीसदी को लाभ मिलेगा।

उन्होंने बताया कि परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। स्कूटी के साथ पंजीकरण शुल्क, व्यापक वाहन बीमा, आईएसआई मार्क हेलमेट, आवश्यक एक्सेसरीज़ और पांच लीटर पेट्रोल भी सरकार वहन करेगी। स्कूटी पेट्रोल चालित होंगी और उनका क्रय जेम पोर्टल से होगा। दिव्यांगजन, निराश्रित परिवारों और शहीद परिवारों की बेटियों को मेरिट के बिना यह लाभ मिलेगा। लगभग 50 हजार बेटियों को इस योजना से लाभ मिलेगा

मंत्री उपाध्याय ने बताया कि भारतीय ज्ञान परंपरा के लिए शोध पीठों की स्थापना से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। प्रत्येक सहायता प्राप्त महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देने के लिए शोध पीठों की स्थापना होगी। एनईपी 2020 की अनुशंसाओं के तहत यह पहल की गई है। विश्वविद्यालयों को दो करोड़ रुपये तक और महाविद्यालयों को एक करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। यह अनुदान फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में होगा और शोध पीठों का संचालन इसके ब्याज से होगा। सीएसआर फंड या एल्युमिनाई से फंड जुटाकर इसे बढ़ाया जा सकता है। 50 वर्ष से अधिक पुराने और 5000 से अधिक छात्र वाले प्राचीन महाविद्यालयों को भी मदद मिलेगी। इसका उद्देश्य प्राचीन भारतीय ज्ञान (जैसे वेद, उपनिषद, आयुर्वेद, योग, गणित, खगोल शास्त्र, व्याकरण) को पुनर्जीवित करना और युवा पीढ़ी तक पहुंचाना है।

उच्च शिक्षा विभाग के तीसरे प्रस्ताव में बसंत महिला महाविद्यालय, राजघाट फोर्ट, वाराणसी में महिला छात्रावास का निर्माण है। यह काशी हिंदू विश्वविद्यालय का एक संगठक महाविद्यालय है। 112 वर्षों से अध्ययन के क्षेत्र में सेवा कर रहा है। वर्तमान में केवल 220 छात्राओं के लिए एक छात्रावास है, जिससे दूर-दराज की छात्राओं को असुविधा होती है। त्वरित आर्थिक विकास योजना के अंतर्गत 248.30 लाख की लागत से 112 बच्चियों के लिए एक नए महिला छात्रावास का निर्माण होगा। इससे छात्राओं को आवासीय सुविधा और मनोवैज्ञानिक संबल मिलेगा, जिससे शिक्षा का बेहतर वातावरण बनेगा।

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