यूक्रेन और रूस के बीच भीषण जंग जारी है। कीव से खारकीव तक तबाही मची है। रूस ने हमले में कमी लाने का वादा किया था लेकिन मिसाइल और रॉकेट हमले में कोई कमी नहीं है। बूचा शहर में 300 से अधिक आम नागरिकों के शव बरामद हुए हैं। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा कि यूक्रेन पर आक्रमण से संबंधित मुद्दों पर रूस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में अपने ‘वीटो’ का इस्तेमाल करना आगे भी जारी रखेगा।

यूक्रेन में रूस के युद्ध ने न केवल इमारतों को खंडहर में बदल दिया है, बल्कि उन परिवारों की उम्मीदों को भी तहस-नहस कर दिया है, जो अनाथ या बेघर बच्चों को गोद लेने की बाट जोह रहे थे। यूक्रेन कभी अमेरिकी परिवारों को बच्चों को गोद देने के मामले में सबसे आगे था, लेकिन युद्ध ने हालात बदल दिए हैं। रूसी सैनिकों से घिरे देश ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बच्चों को गोद देने की सभी प्रक्रियाओं पर रोक लगा दी है। वहीं, कई बच्चे देश छोड़कर भाग गए हैं या विस्थापित हो गए हैं, जिनमें अनाथ बच्चे भी शामिल हैं।

‘नेशनल काउंसिल फॉर अडॉप्शन’ के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी रेयान हैनलन ने कहा कि जब युद्ध शुरू हुआ था, तब 300 से अधिक यूक्रेनी बच्चों को अमेरिकी परिवार गोद लेने वाले थे। गोद देने वाली एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि इसका मतलब है कि कम से कम 200 परिवार गोद लेने की प्रक्रिया के किसी न किसी चरण में थे। सामान्य परिस्थितियों में गोद लेने में दो से तीन साल का वक्त लगता है।

