जालंधर। वेतन न मिलने से नाराज चल रहे रोडवेज-पनबस, पी.आर.टी.सी. कर्मचारियों द्वारा आज बस अड्डे में सरकार विरोधी प्रदर्शन करते हुए बसों का चक्का जाम किया गया, जिससे सरकारी बसों में 500 से अधिक काऊंटर टाइम मिस हुए व विभाग को लाखों रुपए का ट्रांजैक्शन लॉस झेलना पड़ा।

यूनियन द्वारा सुबह प्रदर्शन शुरू करके बस अड्डे के प्रवेश व निकासी द्वार बंद कर दिए गए जिससे बसों को अंदर प्रवेश नहीं मिल पाया। इसके चलते यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। इस प्रदर्शन में यूनियन से संबंधित 6600 के करीब कच्चे कर्मचारियों ने हिस्सा लेकर सरकार के खिलाफ अपनी भड़ास निकालते हुए कहा कि हर बार वेतन जारी करने में देरी की जाती है जिसकी वजह से वह अपने बच्चों की फीसें व घरों से संबंधित बिल इत्यादि समय पर नहीं दे पाते।

इस दौरान प्रदेश मीत प्रधान दलजीत सिंह जल्लेवाल, बलविंद्र सिंह राठ, गुरप्रीत सिंह भुल्लर, सतपाल सिंह ने कहा कि 23 जून वीरवार दोपहर 12 बजे तक यदि उनके खातों में वेतन नहीं आया तो वे पंजाब में चल रही 3200 के करीब सरकारी बसों का चक्का जाम कर देंगे व इस दौरान यात्रियों को होने वाली परेशानी के लिए सरकार की नीतियां जिम्मेदार होंगी।
वक्ताओं ने कहा कि 12 बजे से शुरू होने वाली अनिश्चितकालीन हड़ताल के दौरान ट्रांसपोर्ट मंत्री सहित कैबिनेट मंत्रियों के घरों का घेराव किया जाएगा। आज प्रदर्शन के दौरान डिपो-1 व 2 कर्मचारियों ने कहा कि सरकार तुरंत प्रभाव से उनकी सभी लम्बित मांगों को पूरा करे।
बसों को अड्डे के अंदर प्रवेश न मिलने के कारण सबसे अधिक परेशानी बाहरी राज्यों को जाने वाले यात्रियों को उठानी पड़ी क्योंकि बस अड्डे के बाहर पंजाब के रूटों वाली बसें आसानी से मिल रही थीं जबकि बाहरी राज्यों वाली बसें मिलना मुश्किल का सबब बन रहा था। इस दौरान बस अड्डा फ्लाईओवर व आसपास के रास्तों में बसों की वजह से जाम की स्थिति बनी रही जिससे राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।