मोरना (मुजफ्फरनगर)। ककरौली थाना क्षेत्र के गांव खेड़ी फिरोजाबाद में पुरानी रंजिश को लेकर चल रहा विवाद रविवार शाम अचानक हिंसक हो गया। दोनों पक्षों की महिलाओं के बीच शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते पथराव में बदल गई। इसी दौरान फेंका गया एक पत्थर ननिहाल आई एक वर्षीय मासूम बच्ची के सिर में जा लगा। सिर में पत्थर लगने से बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव खेड़ी फिरोजाबाद निवासी रहमतुल्लाह का पड़ोसी पक्ष से काफी समय से विवाद चला आ रहा है। आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते दोनों पक्षों के बीच आए दिन कहासुनी और विवाद होता रहता है। रविवार शाम भी किसी पुरानी बात को लेकर दोनों पक्षों की महिलाएं आमने-सामने आ गईं। देखते ही देखते दोनों ओर से तीखी बहस होने लगी और मामला बढ़ता चला गया।

आरोप है कि कहासुनी के दौरान दूसरे पक्ष की एक युवती ने रास्ते में पड़ा भारी पत्थर उठाकर पीड़ित पक्ष की ओर फेंक दिया। इसी दौरान पत्थर वहां मौजूद रहमतुल्लाह की एक वर्षीय भांजी जुनैरा के सिर में जा लगा। पत्थर लगते ही मासूम बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई और उसके सिर से खून बहने लगा।
मासूम को लहूलुहान हालत में देखकर परिजनों में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग भी मौके पर एकत्र हो गए। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही ककरौली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति को संभाला। पुलिस ने घायल बच्ची को तत्काल उपचार और मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा।
पीड़ित रहमतुल्लाह ने मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए थाना ककरौली में लिखित तहरीर दी है। तहरीर में उन्होंने पुरानी रंजिश को लेकर विवाद और पथराव के दौरान बच्ची के घायल होने की घटना का उल्लेख किया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों से जानकारी जुटाने के साथ ही विवाद के पीछे की वजह और पथराव की घटना की भी पड़ताल की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मासूम बच्ची के घायल होने की घटना के बाद गांव में भी लोग इस घटना को लेकर चर्चा करते नजर आए। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बीच पुराने विवाद को लेकर भी जानकारी जुटा रही है, ताकि भविष्य में दोबारा किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।

