मैनपुरी में सरकारी विभागों में लगे अनुबंधित वाहनों पर परिवहन विभाग की नजर

मैनपुरी में सरकारी विभागों में लगे अनुबंधित वाहनों पर परिवहन विभाग की नजर

मैनपुरी। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में सरकारी विभागों में अनुबन्ध पर लगे वाहनों के कारण प्रति माह लाखों रुपये के राजस्व की हानि का संज्ञान सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने लिया है।
एआरटीओ शिवम यादव ने मंगलवार को यूनीवार्ता को बताया कि शासनादेश के अनुसार कोई भी सरकारी विभाग ,अर्द्ध सरकारी विभाग जेम पोर्टल की फर्मों से या अनुबन्ध पर बिना टेक्सी परमिट के वाहनों को विभाग में लगा नहीं सकते जिसका पालन मैनपुरी में नहीं हो रहा है। टैक्सी परमिट के वाहन सरकारी विभागों में न लगाए जाने से शासन को राजस्व की हानि हो रही है। परिवहन विभाग मुख्य सचिव के शासनादेश का पालन कराएगा और जो वाहन बिना टेक्सी परमिट के विभागों में लगे हैं उनके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही होगी।
गौरतलब है कि शासनादेश के अनुसार विभिन्न विभागों में अधिकारियों को सरकारी कामकाज के लिए किराए की गाड़ियां उपलब्ध कराई जानी होती हैं यह गाड़ियां परिवहन विभाग में पंजीकृत होनी चाहिए और इनके पास टैक्सी परमिट अनिवार्य रूप से होनी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। मनमर्जी से लगाए गए वाहनों से हर साल 50 लाख से अधिक के राजस्व का नुकसान मैनपुरी में हो रहा है।
जिले में विकास भवन, कलेक्ट्रेट,स्वास्थ्य विभाग,पूर्ति विभाग,शिक्षा विभाग,तहसील समेत अन्य विभागों के अधिकारियों और ब्लाक कार्यालयों के डेढ़ सौ से अधिक अधिकारियों के पास सरकारी कामकाज निपटाने के लिए प्राइवेट वाहन हैं। इन वाहनों को मासिक किराए पर रखा गया है। नियमानुसार यह वाहन जेम पोर्टल पर पंजीकृत टैक्सी संचालकों से किराए पर लेने के दिशा निर्देश हैं। लेकिन मैनपुरी में टैक्सी परमिट के बिना वाहन चालकों से मिलीभगत करके यह वाहन लगा लिए गए हैं।
एआरटीओ शिवम यादव द्वारा अनूप चन्द्र पाण्डेय मुख्य सचिव के सितंबर 2018 में जारी शासनादेश का अनुपालन कराए जाने की अब तैयारी की जा रही है।

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