मेरठ में अग्निपथ योजना के विरोध में छात्रों ने ऐलान किया है कि अगर तीन दिन में अग्निपथ योजना वापस नहीं ली तो…

मेरठ। केंद्र सरकार द्वारा जब से अग्निपथ योजना की घोषणा की गई है, तब से कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। एक तो पहले से ही देश में बेरोजगारी का आलम अपने चरम पर था। ऐसे में अब सरकार द्वारा लागू नए नियमों के चलते अलग-अलग राज्यों में विवाद होता नजर आ रहा है।

लोग अपना आक्रोश रोड पर प्रदर्शन कर निकाल रहे हैं। देश के विभिन्न राज्यों में युवा सड़कों और रेलवे ट्रैकों पर उतर अपना आक्रोश सरकार को दिखाते नजर आ रहे है।

बिहार की बात करें, तो आक्रोशित युवाओं के चपेट में बीजेपी के दो विधायक भी आ गए। वहीं, हरियाणा के पलवल में स्थिति इतनी बिगड़ गई कि इंटरनेट बंद करना पड़ गया। वहीं फरीदाबाद में हालात पर काबू पाने के लिए धारा 144 लागू करनी पड़ी। अग्निपथ योजना को लेकर युवाओं में उबलते आक्रोश को देख और हालात पर काबू पाने के लिए सरकार ने भी अपनी और से सफाई पेश की।

योजना के विरोध में लोग सड़क से लेकर रेलवे ट्रैक तक पर उतर गये हैं। जिस वजह से 34 से अधिक ट्रेनों को कैंसल कर दिया गया, जबकि आठ अन्य ट्रेनों को आंशिक रूप से कैंसल किया गया। रेलवे के मुताबिक, कम-से-कम 72 ट्रेनें इन प्रदर्शनों के कारण अपने नियत समय से देरी से चल रही है।

अग्निपथ योजना से नाख़ुश युवाओं ने गुरुवार को मेरठ, आगरा, अलीगढ़, फिरोजाबाद में सड़कों पर उतर आए। मेरठ में अग्निपथ योजना के विरोध में छात्रों ने ऐलान किया है कि अगर तीन दिन में अग्निपथ योजना वापस नहीं ली गई, तो वे 20 जून को दिल्ली की और निकलेंगे।

राजस्थान में इस वक़्त कांग्रेस की सरकार है। ऐसे में वहां के युवाओं ने केंद्र सरकार यानी बीजेपी पर निशाना साधते हुए जमकर नारेबाजी की। वहीँ पुलिस ने इस घटना के बाद यह दावा भी किया कि प्रदर्शन के दौरान कहीं से किसी घटना होने की सूचना नहीं मिली।युवाओं ने विशेष रूप से जयपुर, सीकर, नागौर, अजमेर, जोधपुर, जैसलमेर और झुंझुनू के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया।

अग्निपथ योजना को लेकर उठ रहे तरह-तरह के सवालों को लेकर जवाब दिया है। केंद्र सरकार का कहना है कि अग्निवीरों की रिटायरमेंट के बाद के उन्हें राज्य सरकारों तथा विभिन्न विभागों द्वारा प्राथमिकता दी जाएगी।

ऐसे में भविष्य को लेकर जताए जा रहे संदेहों पर भी स्थिति स्पष्ट की। सरकार ने यह भी कहा कि अग्निपथ स्कीम से सेना की क्षमता पर नकारात्मक असर पड़ने का संदेह निराधार है। यह आने वाले समय में एक सफल योजना बनकर सामने आएगी।

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