मुजफ्फरनगर रोहन राठी हत्याकांड: 25 दिन बाद घटनास्थल पर पहुंची SIT, सीन रीक्रिएशन कर जुटाए साक्ष्य

मुजफ्फरनगर रोहन राठी हत्याकांड: 25 दिन बाद घटनास्थल पर पहुंची SIT, सीन रीक्रिएशन कर जुटाए साक्ष्य

मुजफ्फरनगर। पुरकाजी थाना क्षेत्र के गांव हरैटी निवासी रोहन राठी हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने और मामले में वैज्ञानिक साक्ष्यों को मजबूत करने के लिए पुलिस ने जांच तेज कर दी है। हत्या की वारदात के करीब 25 दिन बाद रविवार को विशेष अन्वेषण दल यानी एसआईटी की टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम के साथ मेडिकोलीगल और साइबर विशेषज्ञ भी मौजूद रहे। संयुक्त टीम ने हरैटी बाईपास मार्ग पर बंबे के पास उस स्थान का बारीकी से निरीक्षण किया, जहां रोहन राठी का शव बरामद हुआ था। इस दौरान घटनास्थल की परिस्थितियों को समझने और उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान करने के उद्देश्य से सीन रीक्रिएशन भी किया गया।

पुलिस की इस कार्रवाई को हत्याकांड की विवेचना में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जांच टीम ने घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों को समझने पर जोर दिया। हालांकि, रविवार को हुई कार्रवाई के बाद पुलिस ने किसी नए साक्ष्य या निष्कर्ष का सार्वजनिक रूप से खुलासा नहीं किया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले में साक्ष्य संकलन और विवेचनात्मक कार्रवाई नियमानुसार जारी है। जांच पूरी होने और सभी साक्ष्यों का परीक्षण किए जाने के बाद ही घटनाक्रम से जुड़ी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

23 और 24 सितंबर की मध्यरात्रि हुई थी हत्या

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव हरैटी निवासी विवेक राठी के बेटे रोहन राठी की हत्या 23 और 24 सितंबर 2026 की मध्यरात्रि को हुई थी। वारदात हरैटी से बाईपास मार्ग की ओर जाने वाले रास्ते पर बंबे के पास हुई थी। हत्या की सूचना मिलने के बाद पुरकाजी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ पुलिस ने शुरुआती साक्ष्य जुटाए और परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया।

इस मामले में थाना पुरकाजी पर मुकदमा अपराध संख्या 154/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने हत्या के आरोप में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत कार्रवाई की। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया और आरोपियों की पहचान तथा गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों को लगाया गया।

मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार हुए थे नाजिम और सावेज

हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों में नाजिम पुत्र मुजफ्फर हुसैन निवासी गांव संगीपुर, थाना लक्सर, जनपद हरिद्वार और सावेज पुत्र इफजुर्रहमान निवासी गांव जहीरपुर, थाना देवबंद, जनपद सहारनपुर शामिल हैं।

पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, 25 सितंबर 2026 को पुरकाजी थाना पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद मामले की विवेचना आगे बढ़ाई गई। अब पुलिस घटनास्थल से जुड़े तथ्यों, उपलब्ध बयानों और वैज्ञानिक साक्ष्यों का मिलान कर रही है, ताकि वारदात की परिस्थितियों और आरोपियों की कथित भूमिका की जांच की जा सके।

हालांकि, पुलिस की ताजा जानकारी में हत्या के पीछे की वजह या दोनों आरोपियों की कथित भूमिका को लेकर कोई नया विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में मामले से जुड़े इन पहलुओं पर स्थिति जांच पूरी होने और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट होगी।

एसपी सिटी अमृत जैन के नेतृत्व में गठित हुई एसआईटी

मामले की गहन जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के संकलन के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर के निर्देश पर विशेष अन्वेषण दल का गठन किया गया है। इस एसआईटी का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन कर रहे हैं। टीम को हत्याकांड से जुड़े तथ्यों की बिंदुवार जांच करने और उपलब्ध साक्ष्यों का समग्र परीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जांच को तकनीकी और वैज्ञानिक आधार देने के लिए एसआईटी के साथ मेडिकोलीगल टीम और साइबर विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। मेडिकोलीगल टीम चिकित्सकीय और वैज्ञानिक पहलुओं से जुड़े साक्ष्यों के परीक्षण में सहयोग कर रही है, जबकि साइबर टीम डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

तीनों टीमों की संयुक्त जांच का उद्देश्य अब तक सामने आए तथ्यों, बयानों और भौतिक साक्ष्यों का आपस में मिलान करना है। इससे घटनाक्रम की कड़ियों को समझने और विवेचना में सामने आने वाले विभिन्न पहलुओं का परीक्षण करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

हरैटी बाईपास पर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण

रविवार को एसआईटी, मेडिकोलीगल टीम और साइबर टीम हरैटी बाईपास मार्ग पर बंबे के पास पहुंची। इसी स्थान पर रोहन राठी का शव बरामद हुआ था। टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास की परिस्थितियों का निरीक्षण किया। इसके बाद उपलब्ध तथ्यों के आधार पर सीन रीक्रिएशन की प्रक्रिया अपनाई गई।

सीन रीक्रिएशन के माध्यम से जांच अधिकारी घटनास्थल की परिस्थितियों को दोबारा समझने और उपलब्ध साक्ष्यों तथा बयानों से उनका मिलान करने का प्रयास करते हैं। इस प्रक्रिया से जांच के विभिन्न पहलुओं को परखने और घटनाक्रम की संभावित कड़ियों को समझने में सहायता मिल सकती है। हालांकि, सीन रीक्रिएशन अपने आप में किसी आरोपी के दोषी होने का अंतिम प्रमाण नहीं है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए सभी साक्ष्यों और विवेचना के नतीजों का समग्र मूल्यांकन जरूरी है।

पुलिस ने फिलहाल यह नहीं बताया है कि रविवार को की गई जांच के दौरान कोई नया साक्ष्य मिला है या घटनाक्रम से जुड़ा कोई नया तथ्य सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार, साक्ष्य संकलन और विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है।

वैज्ञानिक साक्ष्यों के परीक्षण पर टिकी जांच

रोहन राठी हत्याकांड में दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस का जोर घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के परीक्षण पर है। एसआईटी के नेतृत्व में मेडिकोलीगल और साइबर विशेषज्ञों की संयुक्त कार्रवाई के जरिए मामले की जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

फिलहाल हत्या के पीछे की परिस्थितियों, वारदात के पूरे घटनाक्रम और गिरफ्तार आरोपियों की कथित भूमिका को लेकर पुलिस की ओर से कोई नया निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है। जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किए जाने के बाद ही इन सवालों के जवाब सामने आ सकेंगे। पुलिस के अनुसार, मामले में नियमानुसार विवेचना जारी है।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *