मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने जनपद में अपनी संगठनात्मक व्यवस्था को आगे बढ़ाते हुए विभिन्न पदों पर नए दायित्वों की घोषणा की है। इस संगठनात्मक फेरबदल के तहत प्रमोद त्यागी को विभाग संघचालक और तेजवीर सिंह को जिला संघचालक का दायित्व सौंपा गया है। इसके साथ ही विभाग और जिला स्तर पर अन्य जिम्मेदारियों में भी बदलाव करते हुए नए पदाधिकारियों को दायित्व प्रदान किए गए हैं। संगठन की नई व्यवस्था में कार्यों के संचालन, व्यवस्था प्रबंधन, बौद्धिक गतिविधियों और कुटुंब प्रबोधन से जुड़े कार्यों को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारियों का निर्धारण किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बृजेश को विभाग कार्यवाह तथा कुलदीप गोयल को विभाग सह व्यवस्था प्रमुख बनाया गया है। वहीं, नितिन कुमार को जिला बौद्धिक प्रमुख और प्रदीप शर्मा को जिला सह कुटुंब प्रबोधन प्रमुख का दायित्व सौंपा गया है। नई जिम्मेदारियों के माध्यम से संगठन के विभिन्न कार्यक्षेत्रों में समन्वय स्थापित करने और निर्धारित गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

प्रमोद त्यागी को विभाग संघचालक की जिम्मेदारी
आरएसएस की नई संगठनात्मक व्यवस्था में प्रमोद त्यागी को विभाग संघचालक का दायित्व सौंपा गया है। संगठन में विभाग स्तर पर संघचालक की भूमिका मार्गदर्शन और संगठनात्मक दिशा से जुड़ी होती है। इस जिम्मेदारी के तहत विभागीय स्तर पर संगठन के कार्यों को आगे बढ़ाने और विभिन्न इकाइयों के बीच समन्वय बनाए रखने की अपेक्षा रहती है।
इसी क्रम में तेजवीर सिंह को जिला संघचालक का दायित्व दिया गया है। जिला स्तर पर संघ की गतिविधियों और संगठनात्मक कार्यों के संचालन में इस पद की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। नई जिम्मेदारियों के साथ विभाग और जिला स्तर पर संगठनात्मक व्यवस्था को मजबूत बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
बृजेश बने विभाग कार्यवाह, कुलदीप गोयल को व्यवस्था की जिम्मेदारी
संगठनात्मक फेरबदल के तहत बृजेश को विभाग कार्यवाह बनाया गया है। कार्यवाह का दायित्व संगठन के नियमित कार्यों के संचालन, गतिविधियों के समन्वय और निर्धारित योजनाओं को आगे बढ़ाने से जुड़ा होता है। इस जिम्मेदारी के माध्यम से संगठनात्मक कार्यों को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने की अपेक्षा की जाती है।
वहीं, कुलदीप गोयल को विभाग सह व्यवस्था प्रमुख का दायित्व सौंपा गया है। संगठन की विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों के सुचारु संचालन में व्यवस्था से जुड़े कार्य महत्वपूर्ण होते हैं। कार्यक्रमों की तैयारी, आवश्यक व्यवस्थाओं के समन्वय और संबंधित कार्यों को व्यवस्थित रखने में इस पद की भूमिका रहती है।
नई जिम्मेदारियों के निर्धारण के साथ संगठन के विभिन्न कार्यक्षेत्रों में दायित्वों का स्पष्ट विभाजन किया गया है, जिससे संबंधित पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में सक्रियता के साथ काम कर सकें।
नितिन कुमार को जिला बौद्धिक प्रमुख बनाया गया
आरएसएस की नई व्यवस्था में नितिन कुमार को जिला बौद्धिक प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संगठन की बौद्धिक गतिविधियों के अंतर्गत वैचारिक विषयों पर संवाद, विचार-विमर्श और संबंधित कार्यक्रमों का संचालन किया जाता है। इस क्षेत्र में जिला स्तर पर गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी बौद्धिक प्रमुख से जुड़ी होती है।
नितिन कुमार को यह दायित्व दिए जाने के साथ जिला स्तर पर बौद्धिक गतिविधियों के संचालन और निर्धारित कार्यक्रमों के समन्वय पर ध्यान देने की अपेक्षा रहेगी। संगठन में इस प्रकार की गतिविधियों को कार्यकर्ताओं के वैचारिक प्रशिक्षण और संवाद की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
प्रदीप शर्मा को जिला सह कुटुंब प्रबोधन प्रमुख का दायित्व
नई जिम्मेदारियों के तहत प्रदीप शर्मा को जिला सह कुटुंब प्रबोधन प्रमुख बनाया गया है। कुटुंब प्रबोधन से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से परिवारों के बीच संवाद, पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक जागरूकता से संबंधित विषयों पर कार्य किया जाता है।
इस दायित्व के अंतर्गत जिला स्तर पर संबंधित गतिविधियों को आगे बढ़ाने और संगठन की निर्धारित योजनाओं के अनुसार कार्य करने की अपेक्षा रहेगी। नई नियुक्ति के माध्यम से संगठन के इस कार्यक्षेत्र में भी जिम्मेदारी निर्धारित की गई है।
संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने पर जोर
आरएसएस में संगठनात्मक आवश्यकताओं के अनुरूप समय-समय पर विभिन्न पदों पर दायित्वों का निर्धारण किया जाता है। इसका उद्देश्य संगठन के कार्यों का उचित विभाजन करना, जिम्मेदारियों को स्पष्ट करना और अलग-अलग स्तरों पर गतिविधियों के संचालन में समन्वय बनाए रखना होता है।
मुजफ्फरनगर में घोषित नई जिम्मेदारियों के तहत विभाग से लेकर जिला स्तर तक विभिन्न कार्यक्षेत्रों के लिए पदाधिकारियों का चयन किया गया है। इसमें संगठनात्मक मार्गदर्शन, कार्य संचालन, व्यवस्था प्रबंधन, बौद्धिक गतिविधियों और कुटुंब प्रबोधन जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
नई जिम्मेदारियां मिलने पर सभी दायित्वधारियों को शुभकामनाएं दी गईं। अब संबंधित पदाधिकारियों के सामने अपने-अपने कार्यक्षेत्र में निर्धारित जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी रहेगी।

