मुजफ्फरनगर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सिविल लाइन पुलिस ने मोबाइल स्नैचिंग की घटना का महज 48 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छीना गया सैमसंग ए-14 फाइव जी मोबाइल भी बरामद कर लिया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

थाना प्रभारी निरीक्षक इंद्रजीत सिंह ने बताया कि उत्तराखंड के ऋषिकेश निवासी आयुष यादव ने थाना सिविल लाइन में तहरीर देकर बताया था कि 18 जुलाई 2026 की रात करीब 11:40 बजे वह अस्पताल तिराहा अहिल्याबाई चौक के पास खड़ा था। इसी दौरान स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात युवकों ने उसके हाथ से सैमसंग मोबाइल फोन छीन लिया और मौके से फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी थी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी नगर के पर्यवेक्षण तथा थाना प्रभारी सिविल लाइन के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के साक्ष्य जुटाए और मुखबिर की सूचना पर माल रोड क्षेत्र से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवम कुमार पुत्र सतीश कुमार निवासी बच्चन सिंह कॉलोनी, गली नंबर दो, थाना नई मंडी तथा अजय पुत्र पूरन सिंह निवासी बच्चन सिंह कॉलोनी, गली नंबर दो, थाना नई मंडी, मुजफ्फरनगर के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से पीड़ित का छीना गया सैमसंग ए-14 फाइव जी मोबाइल बरामद कर लिया। बरामद मोबाइल के आईएमईआई नंबर का पुलिस रिकॉर्ड से मिलान कर उसकी पुष्टि भी की गई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी शिवम कुमार का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ पहले से अपहरण, युवती को बहला-फुसलाकर ले जाने तथा पॉक्सो अधिनियम जैसे गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। वहीं दूसरे आरोपी अजय के खिलाफ इसी मोबाइल स्नैचिंग मामले में कार्रवाई की गई है।
पुलिस अब दोनों आरोपियों के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि दोनों किसी संगठित स्नैचिंग गिरोह से जुड़े हैं या नहीं और इससे पहले उन्होंने जिले या आसपास के क्षेत्रों में अन्य वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक खुशीलाल, उपनिरीक्षक श्रीकृष्ण कपूर, उपनिरीक्षक प्रदीप द्विवेदी, कांस्टेबल लोकेन्द्र तथा कांस्टेबल अरविन्द की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में लूट, स्नैचिंग और अन्य आपराधिक घटनाओं में शामिल अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

