मुजफ्फरनगर। शहर में बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से परेशान लोगों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। शहर की जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए करीब 37 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़े नाले का निर्माण कराया जाएगा। यह नाला गांधी कॉलोनी से शुरू होकर पचेंडा रोड होते हुए दिल्ली-देहरादून बाईपास तक बनाया जाएगा। परियोजना के शुरू होने से गांधी कॉलोनी, अंकित विहार, लाल बाग, सरवट और आसपास की अन्य कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को बरसाती पानी की निकासी में राहत मिलने की उम्मीद है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भूमि पूजन रविवार, 18 अक्टूबर को प्रस्तावित है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार शामिल होंगे और विधिवत भूमि पूजन करेंगे। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी जल निगम को सौंपी गई है। परियोजना को शहर की जल निकासी व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

शहर के कई हिस्सों में बारिश के दौरान सड़कों और रिहायशी इलाकों में पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जलभराव के कारण स्थानीय निवासियों के दैनिक कामकाज के साथ ही आवागमन भी प्रभावित होता है। ऐसे में करीब 37 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित नाला निर्माण परियोजना से लोगों को लंबे समय से चली आ रही समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
गांधी कॉलोनी से बाईपास तक बनेगा नाला
प्रस्तावित नाले का निर्माण गांधी कॉलोनी से शुरू होकर पचेंडा रोड के रास्ते दिल्ली-देहरादून बाईपास तक कराया जाएगा। इस मार्ग के आसपास कई बड़ी आवासीय कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं। आबादी बढ़ने के साथ इन क्षेत्रों में जल निकासी की जरूरत भी लगातार बढ़ी है। बरसात के मौसम में पानी की समुचित निकासी नहीं होने से कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है।
गांधी कॉलोनी, अंकित विहार, लाल बाग और सरवट सहित आसपास के इलाकों के लोगों को उम्मीद है कि नए नाले के निर्माण से बारिश के पानी को निकालने के लिए बेहतर व्यवस्था उपलब्ध होगी। इससे सड़कों पर पानी जमा होने की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, परियोजना से कितनी राहत मिलेगी, यह नाले की डिजाइन, जल वहन क्षमता और निर्माण की गुणवत्ता पर निर्भर करेगा।
जल निगम को सौंपी गई निर्माण की जिम्मेदारी
इस परियोजना पर करीब 37 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी दी गई है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी जल निगम को दी गई है। विभाग की देखरेख में नाले का निर्माण कराया जाएगा। भूमि पूजन के साथ ही परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
शहर के विस्तार और नई कॉलोनियों के विकास के बीच जल निकासी की मजबूत व्यवस्था की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। यदि नाले का निर्माण निर्धारित योजना के अनुसार होता है और इसे मौजूदा जल निकासी व्यवस्था से प्रभावी तरीके से जोड़ा जाता है, तो बारिश के पानी की निकासी में सुधार हो सकता है। इससे संबंधित क्षेत्रों में जलभराव के कारण होने वाली परेशानियों को कम करने में मदद मिलेगी।
परियोजना की सफलता के लिए निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों का पालन और समयबद्ध तरीके से काम पूरा होना महत्वपूर्ण रहेगा। इसके साथ ही नाले की नियमित सफाई और रखरखाव भी जरूरी होगा, ताकि भविष्य में कचरा जमा होने या जल निकासी बाधित होने जैसी समस्याएं उत्पन्न न हों।
पुरकाजी विधानसभा क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण है मार्ग
गांधी कॉलोनी से पचेंडा रोड होते हुए दिल्ली-देहरादून बाईपास तक जाने वाला मार्ग स्थानीय आवागमन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। यह मार्ग पुरकाजी विधानसभा क्षेत्र को शहर के प्रमुख हिस्सों से जोड़ने में भूमिका निभाता है। ऐसे में मार्ग के आसपास जल निकासी की व्यवस्था बेहतर होने से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ इस रास्ते से आने-जाने वाले लोगों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
बारिश के दौरान सड़कों पर पानी जमा होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। कई बार लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगता है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था होने से ऐसी समस्याओं को कम किया जा सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव निर्माण पूरा होने और नाले के सुचारु संचालन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे जनप्रतिनिधि
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, रविवार, 18 अक्टूबर को कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार परियोजना का भूमि पूजन करेंगे। कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और स्थानीय लोगों को आमंत्रित किए जाने की जानकारी दी गई है।
इस परियोजना को शहर की बुनियादी सुविधाओं में सुधार से जोड़कर देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों की निगाहें अब निर्माण कार्य की शुरुआत और उसे पूरा किए जाने की समयसीमा पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि परियोजना पर तेजी से काम होगा और निर्धारित मानकों के अनुरूप नाले का निर्माण कराया जाएगा।
करीब 37 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना शहर के कई रिहायशी इलाकों में जलभराव की समस्या कम करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। अब इसकी प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करेगी कि निर्माण कार्य कितनी गुणवत्ता के साथ पूरा होता है और बरसाती पानी की निकासी के लिए व्यवस्था कितनी कारगर साबित होती है। यदि योजना के अनुसार काम पूरा हुआ, तो गांधी कॉलोनी, अंकित विहार, लाल बाग, सरवट और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को बरसात के दिनों में राहत मिलने की उम्मीद है।

