मुजफ्फरनगर। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच मुजफ्फरनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी पहचान पत्रों के सहारे बैंक खाता खुलवाकर किसान की 104 बीघा कृषि भूमि को धोखाधड़ी से बेचने की कथित साजिश का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के एक और सदस्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी और उसके साथी फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन की बिक्री से मिलने वाली रकम को फर्जी बैंक खाते में मंगाकर हड़पने की तैयारी में थे।

इस मामले में पुलिस ने खतौली कस्बे के होली चौक स्थित राम मंदिर के पास रहने वाले नवीन पुत्र फूलसिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इस गिरोह के तीन अन्य सदस्य पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं और फिलहाल जेल में बंद हैं।

किसान की 104 बीघा जमीन पर थी गिरोह की नजर
पुलिस के अनुसार हरियाणा निवासी किसान सुरेन्द्र कुमार और उनके सहखातेदारों की कुल 104 बीघा कृषि भूमि को गिरोह ने निशाना बनाया था। इतनी बड़ी कृषि भूमि को धोखाधड़ी के जरिए बेचने के लिए आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार किए।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने किसान सुरेन्द्र कुमार के नाम और पते का कथित रूप से गलत इस्तेमाल किया। इसके बाद उनके नाम से फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड तैयार कराया गया। इन दस्तावेजों का इस्तेमाल आगे की पूरी धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए किया जाना था।
फर्जी दस्तावेजों से खुलवाया किसान के नाम बैंक खाता
फर्जी आधार और पैन कार्ड तैयार करने के बाद आरोपियों ने पंजाब नेशनल बैंक की रामराज शाखा में खाता खुलवाया। पुलिस के मुताबिक यह बैंक खाता किसान सुरेन्द्र कुमार के नाम पर खुलवाया गया था, जबकि असल में किसान को इसकी जानकारी नहीं थी।
जांच में यह भी सामने आया कि बैंक खाता खुलवाते समय किसान सुरेन्द्र कुमार की जगह आरोपी आसिफ उर्फ बादशाह की फोटो लगाई गई थी। पुलिस के अनुसार आसिफ ने खुद को सुरेन्द्र कुमार के रूप में पेश किया और फर्जी पहचान के आधार पर बैंक खाता खुलवाया।
पुलिस को आशंका है कि इस खाते का इस्तेमाल जमीन की बिक्री से मिलने वाली रकम को हासिल करने के लिए किया जाना था। गिरोह की योजना फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमीन बेचने और उसके बदले मिलने वाली धनराशि को फर्जी बैंक खाते में मंगाकर हड़पने की थी।
किसान को भनक लगी तो एसएसपी से की शिकायत
जब किसान सुरेन्द्र कुमार को अपनी जमीन को लेकर चल रही कथित धोखाधड़ी की जानकारी मिली तो उन्होंने तत्काल मामले की शिकायत मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा से की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने जांच थाना साइबर क्राइम पुलिस को सौंप दी। इसके बाद साइबर क्राइम पुलिस ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए दस्तावेजों, बैंक खाते और आरोपियों की गतिविधियों की जांच शुरू की।
एक आरोपी और गिरफ्तार, तीन पहले से जेल में
जांच के दौरान पुलिस ने गिरोह के सदस्य नवीन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार नवीन मुजफ्फरनगर के खतौली कस्बे में राम मंदिर के पास होली चौक का निवासी है।
इस मामले में पुलिस इससे पहले अंकुर, रोबिन और आसिफ उर्फ बादशाह को गिरफ्तार कर चुकी है। अंकुर मुजफ्फरनगर के ककरौली थाना क्षेत्र के ग्राम जड़वड़ का रहने वाला है। रोबिन रामराज थाना क्षेत्र के ग्राम हंसावाला का निवासी है। वहीं आसिफ उर्फ बादशाह बिजनौर जिले के हल्दौर थाना क्षेत्र के शौदखेड़ी का रहने वाला बताया गया है।
पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपी पहले से जेल में बंद हैं। नवीन की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस गिरोह के पूरे नेटवर्क और उसकी गतिविधियों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
कंप्यूटर, प्रिंटर और बैंकिंग दस्तावेज बरामद
गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से पुलिस ने फर्जीवाड़े में इस्तेमाल किए जाने वाले कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंकिंग सामग्री बरामद की है। बरामद सामान में कंप्यूटर सेट, जिसमें सीपीयू, मॉनिटर, कीबोर्ड और माउस शामिल हैं, एक प्रिंटर और जियो वाईफाई शामिल है।
इसके अलावा पुलिस ने दो मोबाइल फोन, तीन बैंक पासबुक, चार एटीएम कार्ड, चार रसीद बुक और आठ सिम कार्ड भी बरामद किए हैं। पुलिस इन सभी सामानों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका इस्तेमाल किन किन लोगों और खातों से जुड़े फर्जीवाड़े में किया गया।
फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क की भी जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड कहां तैयार किए गए थे और इस नेटवर्क में और कौन कौन लोग शामिल हैं। इसके साथ ही फर्जी बैंक खाते खुलवाने, दस्तावेजों में फोटो बदलने और जमीन से संबंधित कागजात तैयार करने में आरोपियों की मदद करने वालों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि 104 बीघा जमीन की कथित फर्जी बिक्री की प्रक्रिया किस स्तर तक पहुंच चुकी थी और इस साजिश में कोई अन्य व्यक्ति या संस्था शामिल थी या नहीं।
एसएसपी के निर्देशन में साइबर क्राइम पुलिस की कार्रवाई
मुजफ्फरनगर पुलिस के अनुसार पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के दिशा निर्देशन में की गई। कार्रवाई का पर्यवेक्षण पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ और क्षेत्राधिकारी अपराध राधारमण सिंह ने किया।
सफल कार्रवाई करने वाली साइबर क्राइम पुलिस टीम का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक कर्मवीर सिंह ने किया। टीम में उपनिरीक्षक जय शर्मा, कांस्टेबल रोबिन और कांस्टेबल मोहित कुमार भी शामिल रहे।
पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और बरामद इलेक्ट्रॉनिक व बैंकिंग सामग्री की जांच के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और संभावित धोखाधड़ी के मामलों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

