मुजफ्फरनगर। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (ईओसी) कंट्रोल रूम में निर्धारित ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले दस सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शासकीय कार्यों और ड्यूटी के प्रति लापरवाही के मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गंभीर सिंह ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। सभी कर्मचारियों से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही संबंधित विभागाध्यक्षों को अपनी स्पष्ट संस्तुति के साथ विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद विभिन्न सरकारी और शैक्षणिक विभागों में तैनात कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जिला प्रशासन के अनुसार, संबंधित कर्मचारियों की ड्यूटी कलेक्ट्रेट स्थित ईओसी कंट्रोल रूम में शिफ्ट के अनुसार निर्धारित की गई थी। इसके बावजूद वे निर्धारित तिथि और समय पर ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। प्रशासन ने इसे शासकीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही मानते हुए मामले में जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पहले ही दी गई थी ड्यूटी की सूचना
जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, जिले के विभिन्न शासकीय और शैक्षणिक विभागों में कार्यरत कर्मचारियों की ड्यूटी ईओसी कंट्रोल रूम में लगाई गई थी। कर्मचारियों को निर्धारित समय और स्थान पर उपस्थित रहने के संबंध में प्रशासनिक स्तर से आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई थी।
बताया गया है कि संबंधित कर्मचारियों को ड्यूटी की सूचना पत्र, टेलीफोन और व्हाट्सएप के माध्यम से दी गई थी। इसके बावजूद निर्धारित तिथियों और समय पर उनके अनुपस्थित पाए जाने का मामला सामने आया। प्रशासन ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब करने और विभागीय स्तर पर जांच कराने का निर्णय लिया है।
ईओसी कंट्रोल रूम में कर्मचारियों की तैनाती का उद्देश्य निर्धारित शासकीय दायित्वों का सुचारु संचालन सुनिश्चित करना है। ऐसे में ड्यूटी निर्धारित होने के बावजूद कर्मचारियों की गैरहाजिरी को प्रशासन ने अनुशासनहीनता के रूप में लिया है।
अलग-अलग विभागों के दस कर्मचारी कार्रवाई के दायरे में
ईओसी कंट्रोल रूम की ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों में विभिन्न सरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में कार्यरत कर्मचारी शामिल हैं। प्रशासन की ओर से जारी सूची में लिपिक, कनिष्ठ सहायक, वरिष्ठ सहायक, अवर अभियंता, सहायक लेखाकार और गन्ना पर्यवेक्षक जैसे पदों पर तैनात कर्मचारियों के नाम शामिल हैं।
इनमें जनता इंटर कॉलेज कुटेसरा, गंग नहर विभाग, एसडी डिग्री कॉलेज, जल निगम, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कार्यालय, लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड, एसडी इंटर कॉलेज मीरापुर और जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी शामिल हैं।
विभिन्न विभागों से जुड़े कर्मचारियों की अनुपस्थिति का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने संबंधित विभागाध्यक्षों को अपने स्तर पर जांच कर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।
इन कर्मचारियों से मांगा गया स्पष्टीकरण
जिला प्रशासन की ओर से जारी विवरण के अनुसार, ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों में प्रशांत शर्मा, लिपिक, जनता इंटर कॉलेज कुटेसरा; रवि कुमार, कनिष्ठ सहायक, गंग नहर; रविंद्र सिंह, लिपिक, एसडी डिग्री कॉलेज; अंकुर जैन, वरिष्ठ सहायक, जल निगम; विजय वर्मा, सहायक लेखाकार, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कार्यालय शामिल हैं।
इसके अलावा विवेक चौधरी, अवर अभियंता, गंग नहर; अतुलेश चंद्र शर्मा, वरिष्ठ सहायक, लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड; रणजीत सिंह, कनिष्ठ सहायक, एसडी इंटर कॉलेज मीरापुर; ललित कुमार, गन्ना पर्यवेक्षक, जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय और नीतीश गोयल, लिपिक, एसडी डिग्री कॉलेज मुजफ्फरनगर के नाम भी सूची में शामिल हैं।
इन सभी कर्मचारियों से उनकी निर्धारित ड्यूटी पर अनुपस्थित रहने का कारण स्पष्ट करने को कहा गया है। विभागीय जांच के दौरान उनके स्पष्टीकरण और संबंधित अभिलेखों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गंभीर सिंह ने संबंधित विभागाध्यक्षों और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने विभाग में कार्यरत संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त करें। इसके बाद प्रत्येक मामले की जांच कर अपनी स्पष्ट संस्तुति के साथ विस्तृत रिपोर्ट निर्धारित समयसीमा के भीतर जिला प्रशासन को प्रस्तुत करें।
प्रशासन ने तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। इस प्रक्रिया के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि कर्मचारी निर्धारित ड्यूटी पर किन कारणों से अनुपस्थित रहे और उनकी गैरहाजिरी के पीछे कोई उचित कारण था या नहीं।
संबंधित विभागों से प्राप्त रिपोर्ट और कर्मचारियों के जवाबों के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल प्रशासन ने मामले में जांच की प्रक्रिया शुरू करते हुए जवाबदेही तय करने पर जोर दिया है।
प्रशासनिक सख्ती से कर्मचारियों में बढ़ी हलचल
ईओसी कंट्रोल रूम में ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले दस कर्मचारियों के खिलाफ जांच के आदेश को जिला प्रशासन की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। निर्धारित ड्यूटी के बावजूद अनुपस्थित पाए जाने के मामले में प्रशासन ने संबंधित विभागों को औपचारिक कार्रवाई करने और समयसीमा के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
इस कार्रवाई से सरकारी विभागों में ड्यूटी व्यवस्था और कर्मचारियों की जवाबदेही को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, संबंधित कर्मचारियों के स्पष्टीकरण और विभागीय जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही उनकी अनुपस्थिति के कारणों और जिम्मेदारी के संबंध में स्पष्ट स्थिति सामने आएगी।
फिलहाल मुजफ्फरनगर जिला प्रशासन ने ईओसी कंट्रोल रूम की ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए दस कर्मचारियों के मामले में विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। अब संबंधित कर्मचारियों के जवाब और विभागाध्यक्षों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

