मुजफ्फरनगर। शहर की सड़कों पर यातायात नियमों की अनदेखी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक स्कूटी पर एक व्यक्ति के साथ पांच नाबालिग बच्चे सवार दिखाई दे रहे हैं। यानी एक ही दोपहिया वाहन पर कुल छह लोग बैठे नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि स्कूटी मीनाक्षी चौक से नावल्टी चौक की ओर गई। व्यस्त मार्ग पर इस तरह छह लोगों के एक साथ दोपहिया वाहन पर सवार होने का वीडियो सामने आने के बाद सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

वायरल वीडियो में एक व्यक्ति स्कूटी चला रहा है और उसके साथ पांच बच्चे एक दूसरे के पीछे बैठे दिखाई दे रहे हैं। इतनी अधिक संख्या में सवारियां होने के कारण स्कूटी का संतुलन बिगड़ने की आशंका बनी हुई थी। सड़क पर अचानक ब्रेक लगने या किसी वाहन के सामने आने की स्थिति में गंभीर हादसा हो सकता था।

बताया जा रहा है कि स्कूटी मीनाक्षी चौक से नावल्टी चौक की तरफ गई। दोनों ही शहर के प्रमुख और व्यस्त क्षेत्र हैं, जहां दिनभर वाहनों और लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे मार्ग पर एक स्कूटी पर छह लोगों के सवार होकर गुजरने से यातायात नियमों के पालन और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।
वीडियो सामने आने के बाद यातायात पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि शहर के प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों पर यातायात पुलिस की निगरानी रहती है। इसके बावजूद यदि इतनी अधिक संख्या में लोग एक ही स्कूटी पर सवार होकर निकल रहे हैं और इसका वीडियो भी सामने आ रहा है, तो यातायात नियमों के पालन को लेकर गंभीरता से निगरानी किए जाने की जरूरत है।
एक दोपहिया वाहन पर इतनी अधिक संख्या में सवारियां होने से दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। सड़क पर अचानक किसी वाहन के सामने आने, ब्रेक लगाने या संतुलन बिगड़ने की स्थिति में सभी सवार गिर सकते हैं। खासतौर पर बच्चों के इस तरह वाहन पर बैठने से उनके घायल होने का खतरा अधिक रहता है।
वायरल वीडियो ने अभिभावकों की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। यदि बच्चों को इस तरह दोपहिया वाहन पर बैठाकर ले जाया गया है तो यातायात नियमों के साथ उनकी सुरक्षा की अनदेखी का मामला भी सामने आता है। वहीं, यदि इनमें से किसी नाबालिग के वाहन चलाने की पुष्टि होती है तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई का प्रावधान हो सकता है।
वीडियो वायरल होने के बाद अब लोगों की नजर यातायात पुलिस की कार्रवाई पर है। यदि वीडियो में स्कूटी का नंबर स्पष्ट दिखाई देता है तो उसके आधार पर वाहन मालिक की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे वाहन की पहचान की जांच के बाद आगे की कार्रवाई कर सकती है।
यह मामला एक बार फिर शहर में यातायात नियमों के पालन और सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता की जरूरत को सामने लाता है। वाहन चालकों से अपील है कि वे निर्धारित क्षमता के अनुसार ही सवारियां बैठाएं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें, ताकि लापरवाही के कारण होने वाले संभावित हादसों को रोका जा सके।

