मुजफ्फरनगर। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके नजदीक ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने शनिवार को जनपद के विभिन्न आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का औचक निरीक्षण कर वहां संचालित स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिर सिसौना, आयुष्मान आरोग्य मंदिर बामनहेड़ी तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिर शहाबुद्दीनपुर का भ्रमण किया और स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं, चिकित्सकीय व्यवस्थाओं, दवाओं की उपलब्धता, स्वास्थ्य अभिलेखों के रखरखाव तथा साफ-सफाई की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से केंद्रों पर प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या, उन्हें दिए जाने वाले उपचार और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले प्रत्येक मरीज को समयबद्ध तरीके से उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा किसी भी मरीज को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

डॉ. सुनील तेवतिया ने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण इकाइयां हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य आमजन को छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार के लिए दूर स्थित अस्पतालों के चक्कर लगाने से बचाना और उन्हें स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। ऐसे में इन केंद्रों पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों की जिम्मेदारी है कि वे पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्वास्थ्य कर्मियों को शासन की मंशा के अनुरूप प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं, बच्चों, बुजुर्गों और अन्य जरूरतमंद मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, आवश्यक परामर्श और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने टीकाकरण अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने और निर्धारित समय पर बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण कराने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही गैर संचारी रोगों जैसे मधुमेह और उच्च रक्तचाप की समय-समय पर स्क्रीनिंग करने तथा ऐसे मरीजों की पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया कि केंद्रों पर आने वाले मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की जानकारी भी दी जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकें।
निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई और स्वास्थ्य अभिलेखों के व्यवस्थित रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया गया। सीएमओ ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों का वातावरण स्वच्छ होना बेहद जरूरी है। मरीजों को उपचार के साथ स्वच्छ और व्यवस्थित स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए। केंद्रों पर आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखी जाए और मरीजों को निर्धारित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में किसी तरह की लापरवाही न हो।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने कहा कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का नियमित रूप से निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना, कमियों को दूर कराना और आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से कहा कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग लगातार काम कर रहा है। इसके लिए सभी संबंधित कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी, निष्ठा और जवाबदेही के साथ पालन करना होगा। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि जनपद के प्रत्येक नागरिक को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर बेहतर उपचार, आवश्यक जांच और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

