तितावी (मुजफ्फरनगर)। तितावी थाना क्षेत्र के धोलरा गांव में सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जे और निर्माण को हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम के साथ नोकझोंक, अभद्रता और मारपीट का मामला सामने आया है। अन्नपूर्णा भवन के निर्माण के लिए प्रस्तावित सरकारी भूमि पर रातोंरात दीवार खड़ी किए जाने की सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। कार्रवाई के दौरान विरोध कर रहे लोगों ने टीम के साथ अभद्र व्यवहार किया और लेखपाल के साथ हाथापाई कर दी। घटना के बाद मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा।

जानकारी के अनुसार धोलरा गांव में अन्नपूर्णा भवन के निर्माण के लिए सरकारी भूमि प्रस्तावित की गई है। आरोप है कि इसी भूमि पर ब्रजपाल पुत्र दाताराम की ओर से अवैध रूप से निर्माण कराया जा रहा था। बताया गया कि देर रात सरकारी जमीन पर दीवार खड़ी कर दी गई। इसकी जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को मिलने के बाद नायब तहसीलदार रिजवान अली और लेखपाल मनीष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर सरकारी भूमि की स्थिति का जायजा लिया और कथित अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान वहां मौजूद लोगों ने कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और प्रशासनिक टीम के साथ तीखी नोकझोंक होने लगी। आरोप है कि विरोध कर रहे लोगों ने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ अभद्रता की तथा लेखपाल मनीष के साथ हाथापाई कर दी।
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने मौके पर अतिरिक्त बल बुलाया। पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। ग्राम प्रधान सुमित कश्यप के अनुसार, कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। हंगामे के चलते कुछ समय के लिए मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही।
मामले को लेकर नायब तहसीलदार रिजवान अली ने तितावी थाने में लिखित तहरीर दी है। तहरीर में सरकारी कार्य में बाधा डालने, प्रशासनिक टीम के साथ अभद्रता और मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार घटना के संबंध में कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और मौके पर मौजूद लोगों से जानकारी जुटाने के साथ ही उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और कर्मचारियों के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की ओर से सरकारी भूमि पर किए गए कथित अतिक्रमण को लेकर भी कार्रवाई जारी है। अधिकारियों का कहना है कि अन्नपूर्णा भवन के लिए प्रस्तावित भूमि को कब्जामुक्त कराने की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जाएगी। मामले की जांच के बाद घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आने की संभावना है।

