मुजफ्फरनगर में शंकराचार्य का बड़ा बयान: गोमाता को मिले ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा, देशभर में लगे गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध

मुजफ्फरनगर में शंकराचार्य का बड़ा बयान: गोमाता को मिले ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा, देशभर में लगे गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध

मुजफ्फरनगर। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गविष्टि गो-रक्षा धर्मयुद्ध यात्रा के खतौली विधानसभा क्षेत्र में पहुंचने पर श्रद्धा, आस्था और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। यात्रा के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। पूरे मार्ग पर शंकराचार्य का फूल-मालाओं से अभिनंदन किया गया तथा गो-संरक्षण के समर्थन में जोरदार नारे लगाए गए।

यात्रा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। उन्होंने कहा कि गोमाता केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय जीवन दर्शन का महत्वपूर्ण आधार हैं। इसलिए केंद्र और प्रदेश सरकार को गोमाता को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा देने के साथ-साथ पूरे देश में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि गो-संरक्षण केवल धार्मिक विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि गोवंश की रक्षा नहीं की गई तो भारतीय संस्कृति की जड़ें कमजोर होंगी। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को गो-संरक्षण के लिए आगे आना होगा और इसे जनआंदोलन का स्वरूप देना होगा।

अपने संबोधन में शंकराचार्य ने बताया कि गविष्टि गो-रक्षा धर्मयुद्ध यात्रा उत्तर प्रदेश के लगभग 226 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजर चुकी है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज में गो-संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करना तथा सरकारों का ध्यान गोवंश से जुड़े मुद्दों की ओर आकर्षित करना है। उन्होंने कहा कि केवल घोषणाएं करने से गोवंश की रक्षा नहीं होगी, बल्कि प्रभावी कानून, मजबूत नीतियां और उनके ईमानदार क्रियान्वयन की आवश्यकता है।

आगामी चुनावों का उल्लेख करते हुए उन्होंने ‘गो-वोटर अभियान’ का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को ऐसे जनप्रतिनिधियों का चयन करना चाहिए जो गो-संरक्षण के प्रति समर्पित हों और गोमाता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए गंभीर प्रयास करें। उन्होंने कहा कि जनता की जागरूकता ही इस अभियान को सफलता दिला सकती है।

यात्रा के दौरान क्षेत्रीय विधायक पंकज मलिक सहित अनेक सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक व्यक्तित्व मौजूद रहे। राकेश शर्मा, श्यामलाल बच्ची सैनी, लतेश विधूड़ी, मुकेश शर्मा, सत्यदेव शर्मा, पंकज सैनी, अभिषेक गोयल, अनुज शर्मा, नीरज शर्मा, प्रशांत पंडित, गजेंद्र प्रधान और शेखर गुर्जर सहित बड़ी संख्या में लोगों ने शंकराचार्य का स्वागत कर गो-संरक्षण के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

कार्यक्रम के दौरान आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष कुलदीप तोमर ने भी शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रदेश में निराश्रित गोवंश की बढ़ती समस्या और गौशालाओं की दयनीय स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित किया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गोवंश के पालन-पोषण की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि सरकार की ओर से मिलने वाला अनुदान पर्याप्त नहीं है।

कुलदीप तोमर ने मांग की कि गोद लिए गए प्रत्येक गोवंश के लिए पांच हजार से सात हजार रुपये प्रतिमाह तक अनुदान दिया जाए तथा गौशालाओं के संचालन के लिए पर्याप्त बजट सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने गौशालाओं में चारा, चिकित्सा सुविधाएं, स्वच्छ पेयजल और अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

ज्ञापन में गौशालाओं की कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए स्वतंत्र ऑडिट व्यवस्था लागू करने, देशी नस्लों के संरक्षण को बढ़ावा देने तथा गोवंश के प्रति क्रूरता या लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग भी शामिल रही। उन्होंने शंकराचार्य से अनुरोध किया कि वे इस विषय को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठाएं और केंद्र तथा उत्तर प्रदेश सरकार को प्रभावी कदम उठाने के लिए प्रेरित करें।

कार्यक्रम के दौरान गो-संरक्षण, गौसेवा और गौशालाओं की स्थिति को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। उपस्थित लोगों ने गोवंश संरक्षण को समाज और राष्ट्र की जिम्मेदारी बताते हुए इस दिशा में हरसंभव सहयोग देने का संकल्प लिया। यात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं ने गोमाता की रक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज बुलंद की।

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