मुजफ्फरनगर में रविदास मंदिर की जमीन पर सचिवालय का विवाद गरमाया, लिखित आश्वासन पर अड़े ग्रामीण; देर रात तक चली वार्ता रही बेनतीजा

मुजफ्फरनगर में रविदास मंदिर की जमीन पर सचिवालय का विवाद गरमाया, लिखित आश्वासन पर अड़े ग्रामीण; देर रात तक चली वार्ता रही बेनतीजा

मुजफ्फरनगर। भोपा थाना क्षेत्र के ग्राम बेहड़ा थ्रू में रविदास मंदिर की भूमि पर बनाए गए ग्राम सचिवालय को हटाने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में ग्रामीणों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। देर रात प्रशासन की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौड़ धरना स्थल पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से लंबी वार्ता कर समाधान का भरोसा दिलाया, लेकिन लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े ग्रामीणों ने धरना समाप्त करने से साफ इनकार कर दिया। कई दौर की बातचीत के बावजूद कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी।

ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव ने रविदास मंदिर की भूमि पर ग्राम सचिवालय बनाकर अवैध कब्जा कर लिया है। उनका कहना है कि यह गांव समाज और मंदिर की भूमि है, जहां वर्षों से धार्मिक, सामाजिक और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। सचिवालय बनने के बाद मंदिर की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

देर रात धरना स्थल पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौड़ ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि प्रशासन इस पूरे मामले को गंभीरता से देख रहा है। उन्होंने बताया कि जिला पंचायती राज अधिकारी से भी इस संबंध में वार्ता हो चुकी है और नया ग्राम सचिवालय बनाने पर सहमति बनी है। हालांकि इसकी प्रक्रिया पूरी होने में लगभग दो से तीन महीने का समय लगेगा, जिसके बाद वर्तमान सचिवालय को मंदिर परिसर से स्थानांतरित किया जाएगा।

सिटी मजिस्ट्रेट ने ग्रामीणों से अपील की कि वे प्रशासन पर भरोसा रखते हुए धरना समाप्त कर अपने गांव लौट जाएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी पक्षों से बातचीत कर समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।

इसके बावजूद प्रदर्शनकारी अपने रुख पर कायम रहे। ग्रामीणों का कहना था कि केवल मौखिक आश्वासन से उन्हें संतोष नहीं है। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन लिखित रूप में यह नहीं देता कि निर्धारित समय सीमा के भीतर नया सचिवालय बनाकर वर्तमान भवन को मंदिर परिसर से हटा दिया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

धरने का नेतृत्व कर रहे प्रेमदास महाराज ने कहा कि रविदास मंदिर गांव की आस्था का प्रमुख केंद्र है और उसकी भूमि पर सचिवालय बनाकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर परिसर में सचिवालय के माध्यम से मोबाइल टावर स्थापित कराने की तैयारी की जा रही है, जिससे ग्रामीणों में और अधिक आक्रोश है। उनका कहना है कि मंदिर परिसर में धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन में लगातार बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।

प्रेमदास महाराज ने स्पष्ट कहा कि यदि प्रशासन तीन महीने के भीतर नया ग्राम सचिवालय बनाकर वर्तमान सचिवालय को हटाने का लिखित आश्वासन देता है, तो ग्रामीण धरना समाप्त करने पर विचार कर सकते हैं। फिलहाल लिखित आश्वासन नहीं मिलने के कारण आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

देर रात तक कलेक्ट्रेट परिसर में ग्रामीणों का धरना जारी रहा। प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता का सिलसिला चलता रहा, लेकिन दोनों पक्षों के बीच किसी अंतिम सहमति पर मुहर नहीं लग सकी। ऐसे में रविदास मंदिर की भूमि को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन फिलहाल जारी रहने के आसार हैं।

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