भोपा (मुजफ्फरनगर)। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश गरीब और असहाय परिवारों के लिए आफत बनती जा रही है। भोपा थाना क्षेत्र के गांव रहकड़ा में रविवार सुबह बारिश के दौरान एक दिव्यांग दंपती का कच्चा मकान अचानक भरभराकर ढह गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त परिवार के सभी सदस्य मकान से बाहर बने छप्पर के नीचे थे और दीवारों से आवाज आने पर समय रहते सुरक्षित स्थान की ओर भाग गए। इससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया।

मकान के ढहने से परिवार की पूरी गृहस्थी मलबे में दबकर बर्बाद हो गई। शारीरिक रूप से दिव्यांग दंपती और उनके पांच छोटे बच्चों के सामने अब बारिश के बीच रहने और खाने पीने का संकट खड़ा हो गया है।

दीवारों से आई चरमराहट, परिवार ने भागकर बचाई जान
रहकड़ा निवासी संतपाल पुत्र मनोहरलाल हाथ से दिव्यांग हैं, जबकि उनकी पत्नी सुमन पैर से दिव्यांग बताई गई हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण वे पक्का मकान नहीं बनवा सके और कच्चे मकान में रहने को मजबूर थे।
रविवार सुबह करीब नौ बजे सुमन घर के बाहर बने छप्पर के नीचे परिवार के लिए खाना बना रही थीं। संतपाल अपने पांच बच्चों परि, परिधि, विद्या, आरव और वाशू के साथ छप्पर के नीचे बैठे थे।
इसी दौरान अचानक कच्चे मकान की दीवारों से चरमराने और चटकने की आवाजें आने लगीं। खतरा भांपते ही संतपाल और सुमन ने बच्चों को साथ लिया और तत्काल छप्पर से भी दूर सुरक्षित स्थान की ओर भागे। परिवार के सुरक्षित हटते ही कुछ ही सेकंड में पूरा कच्चा मकान भरभराकर जमीन पर आ गिरा।
मलबे में दबकर पूरी गृहस्थी हुई बर्बाद
मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। जब लोगों ने मलबा हटाना शुरू किया तो परिवार की चारपाई, बिस्तर, कपड़े, बर्तन, राशन और अनाज समेत घरेलू सामान दबा मिला।
मकान गिरने से परिवार के पास न तो रहने के लिए सुरक्षित छत बची और न ही रोजमर्रा की जरूरत का सामान। बारिश के बीच परिवार के सामने जीवन यापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों ने बढ़ाया मदद का हाथ
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने परिवार को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और अपने स्तर पर जरूरी मदद उपलब्ध कराई।
ग्रामीणों का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही बेहद कमजोर है। ऐसे में मकान और गृहस्थी का सामान नष्ट होने के बाद सरकारी सहायता के बिना परिवार के लिए इस संकट से निकलना बेहद मुश्किल होगा।
प्रशासन से आपदा राहत और पक्के मकान की मांग
ग्रामीणों और गांव के प्रबुद्ध लोगों ने स्थानीय प्रशासन और तहसील अधिकारियों से तत्काल मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व टीम द्वारा नुकसान का सर्वे कराकर पीड़ित परिवार को आपदा राहत के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
इसके साथ ही परिवार की दयनीय स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्राथमिकता के आधार पर पक्का मकान उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
युसुफपुर में विधवा महिला की छत भी गिरी
भोपा क्षेत्र के गांव युसुफपुर में भी बारिश ने एक गरीब विधवा महिला के सामने संकट खड़ा कर दिया। यहां मंगलो देवी पत्नी स्वर्गीय प्रभु के कच्चे मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई।
गनीमत रही कि जिस समय छत गिरी, उस वक्त मंगलो देवी घर के भीतर मौजूद नहीं थीं। इससे बड़ा हादसा होने से बच गया।
बारिश से कमजोर हो गई थी मकान की छत
बताया गया कि मंगलो देवी अपने कच्चे मकान में अकेली रहती हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण मकान की छत पर पानी भर गया था। मिट्टी और शहतीर लगातार नमी के कारण कमजोर हो चुके थे।
रविवार को अचानक मकान की मुख्य कड़ी टूट गई और छत का हिस्सा भरभराकर नीचे आ गिरा। मलबा कमरे के भीतर फैल गया और मकान की जर्जर हालत और ज्यादा खतरनाक हो गई।
सरकारी आवास की लगाई गुहार
पीड़िता ने बताया कि मकान पहले से ही जर्जर हालत में था और लगातार बारिश के बीच उन्हें किसी अनहोनी का डर बना हुआ था। छत गिरने के बाद उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
मंगलो देवी ने जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा किसी अन्य सरकारी योजना के तहत पक्का मकान उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने तत्काल आर्थिक सहायता दिए जाने की भी गुहार लगाई है।
बारिश के बीच गरीब परिवारों पर बढ़ा संकट
रहकड़ा और युसुफपुर की घटनाओं ने लगातार बारिश के बीच कच्चे मकानों में रहने वाले गरीब परिवारों की मुश्किलें सामने ला दी हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में जर्जर और कच्चे मकानों का सर्वे कराया जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले असुरक्षित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके।
अब पीड़ित परिवारों को प्रशासन की ओर से राहत और सहायता मिलने का इंतजार है।

