मुजफ्फरनगर में प्रदूषण पर बड़ा प्रहार: सुझड़ू में 17 अवैध औद्योगिक इकाइयां सील, बिजली कनेक्शन भी काटे

मुजफ्फरनगर में प्रदूषण पर बड़ा प्रहार: सुझड़ू में 17 अवैध औद्योगिक इकाइयां सील, बिजली कनेक्शन भी काटे

मुजफ्फरनगर। जिले में बिना अनुमति और पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन कर संचालित की जा रही औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिलाधिकारी कार्यालय के आदेश के अनुपालन में गठित संयुक्त प्रशासनिक टीम ने सुझड़ू क्षेत्र में औचक छापेमारी कर 17 औद्योगिक इकाइयों को मौके पर ही सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान इन सभी इकाइयों के विद्युत कनेक्शन भी काट दिए गए।

यह कार्रवाई जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से अवैध और प्रदूषणकारी औद्योगिक इकाइयों पर रोक लगाने के लिए गठित संयुक्त समिति के तहत की गई। नगर मजिस्ट्रेट मुजफ्फरनगर के नेतृत्व में टीम ने सुझड़ू क्षेत्र में मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के पीछे संचालित स्टोन क्रशिंग और अन्य औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान कई इकाइयां उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की आवश्यक अनुमति, अनापत्ति प्रमाण पत्र या वैधानिक सहमति के बिना संचालित होती पाई गईं। जांच में पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन की स्थिति सामने आने के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित इकाइयों को सील कर दिया।

कई विभागों की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई

छापेमारी अभियान में नगर मजिस्ट्रेट के साथ उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी, जिला उद्योग केंद्र के अधिकारी, विद्युत विभाग की टीम और स्थानीय पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

संयुक्त टीम ने औद्योगिक इकाइयों के संचालन से संबंधित दस्तावेजों और पर्यावरणीय अनुमति की जांच की। जिन इकाइयों के पास आवश्यक वैधानिक अनुमति नहीं मिली या जो नियमों के विपरीत संचालित होती पाई गईं, उनके खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई की गई।

कार्रवाई के दौरान विद्युत विभाग ने संबंधित इकाइयों के कनेक्शन काट दिए। विद्युत केबल काटने के बाद विभाग की ओर से कनेक्शन विच्छेदन की आधिकारिक रसीद भी जारी की गई।

प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन कर अवैध रूप से संचालित की जा रही औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ आगे भी इसी तरह कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने कहा कि वायु प्रदूषण फैलाने और नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

पहले सील हो चुकी इकाइयां दोबारा मिलीं संचालित

संयुक्त टीम की जांच में एक गंभीर मामला भी सामने आया। जांच के दौरान पता चला कि कुछ औद्योगिक इकाइयों को पूर्व में भी प्रशासन की ओर से सील किया जा चुका था। इसके बावजूद संचालकों ने कथित तौर पर प्रशासनिक सील तोड़कर इकाइयों को दोबारा संचालित करना शुरू कर दिया था।

प्रशासन ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। संयुक्त समिति ने सील तोड़कर दोबारा इकाइयां संचालित करने वालों के खिलाफ संबंधित धाराओं में विधिक एवं कानूनी कार्रवाई की संस्तुति की है।

इन इकाइयों पर हुई कार्रवाई

प्रशासन की निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार सील की गई इकाइयों में एमओआरओ ट्रेडिंग कंपनी और नाइस ट्रेडिंग कंपनी, एमएसओ वारिस डस्ट आयरन, जावेद ट्रेडर्स, बशीर, जहीर, अकरम पुत्र यूसुफ, एमएसओ महताब ट्रेडर्स, एमएसओ फरियाद इंडस्ट्रीज, आरिफ पुत्र सरताज, एमओ मोइन, एमएसओ शाहबाज ट्रेडर्स, आरिफ एक्सट्रासाइजेज, जब्बार ट्रेडर्स, माजिद अली, एमएसओ मिसबाह एंटरप्राइजेज, त्यागी एंटरप्राइजेज और हसन इंडस्ट्रीज सहित क्षेत्र की अन्य संबंधित इकाइयां शामिल हैं।

प्रशासन की रिपोर्ट में कुल 17 औद्योगिक इकाइयों को सील किए जाने की जानकारी दी गई है।

पुलिस अभिरक्षा में सौंपी गईं सील इकाइयां

कार्रवाई पूरी होने के बाद सील की गई सभी 17 इकाइयों का सुपुर्दगी प्रभार उपनिरीक्षक मुकुल कुशवाहा को सौंप दिया गया। प्रशासन की ओर से सील की गई इकाइयों की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है, ताकि संचालक दोबारा सील तोड़कर गतिविधियां शुरू न कर सकें।

प्रशासन की अचानक हुई इस बड़ी कार्रवाई से सुझड़ू और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में हड़कंप मच गया। अवैध और प्रदूषणकारी इकाइयों का संचालन करने वाले संचालकों में कार्रवाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।

प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जिले में पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन करने वाली अन्य इकाइयों की भी जांच की जाएगी। बिना अनुमति संचालन, प्रदूषण फैलाने और प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहने की बात कही गई है।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *