मुजफ्फरनगर में पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग! हेड कांस्टेबल अजीत कुमार को लगी गोली, बदमाशों की तलाश में 8 टीमें गठित

मुजफ्फरनगर में पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग! हेड कांस्टेबल अजीत कुमार को लगी गोली, बदमाशों की तलाश में 8 टीमें गठित

मुजफ्फरनगर। जिले के तितावी थाना क्षेत्र में शनिवार को पुलिस टीम पर फायरिंग की घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जसोई गांव के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग के दौरान पुलिस को देखकर कुछ संदिग्ध भागने लगे। पुलिस टीम में शामिल हेड कांस्टेबल अजीत कुमार ने उनका पीछा किया तो आरोप है कि संदिग्धों ने फायरिंग कर दी। इस दौरान गोली लगने से हेड कांस्टेबल अजीत कुमार घायल हो गए। उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद भोपा रोड स्थित आनंद अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस के अनुसार, उनकी हालत खतरे से बाहर है। घटना के बाद हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए जनपद में आठ पुलिस टीमें लगाई गई हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं।

गोपनीय सूचना पर चल रही थी चेकिंग

मुजफ्फरनगर पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, शनिवार 24 अक्टूबर 2026 को तितावी थाना पुलिस गोपनीय सूचना के आधार पर जसोई गांव के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। पुलिस टीम आसपास से गुजरने वाले वाहनों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थी।

इसी दौरान कुछ संदिग्ध व्यक्ति पुलिस को दिखाई दिए। पुलिस टीम को देखकर वे वहां से भागने लगे। चेकिंग में शामिल हेड कांस्टेबल अजीत कुमार ने भाग रहे संदिग्धों का पीछा किया। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान संदिग्धों ने पुलिसकर्मी पर गोली चला दी। गोली लगने से अजीत कुमार घायल हो गए, जबकि हमलावर मौके से फरार हो गए।

अचानक हुई फायरिंग के बाद पुलिस टीम ने घायल साथी को संभाला और उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों को भी अवगत कराया गया।

आनंद अस्पताल में भर्ती, हालत खतरे से बाहर

फायरिंग में घायल हेड कांस्टेबल अजीत कुमार को प्राथमिक उपचार देने के बाद मुजफ्फरनगर के भोपा रोड स्थित आनंद अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया।

पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, अजीत कुमार की हालत खतरे से बाहर है। उनके उपचार की जानकारी मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अस्पताल पहुंचकर स्वास्थ्य की स्थिति का जायजा लिया।

ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी को गोली लगने की घटना के बाद विभाग में चिंता का माहौल बन गया। पुलिस प्रशासन ने हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।

एसएसपी सूरज कुमार राय समेत वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे मौके पर

घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक और क्षेत्राधिकारी फुगाना नरेंद्र सिंह यादव पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने जसोई गांव के पास उस स्थान का निरीक्षण किया, जहां चेकिंग के दौरान फायरिंग हुई थी।

वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से घटनाक्रम की जानकारी ली। संदिग्धों के भागने की दिशा और घटनास्थल की परिस्थितियों का जायजा लेते हुए तलाश अभियान की समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने पुलिस टीमों को हमलावरों की पहचान करने, संभावित ठिकानों पर दबिश देने और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। घटना के बाद आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी गई।

बदमाशों की तलाश में आठ पुलिस टीमें गठित

हेड कांस्टेबल पर फायरिंग करने वाले संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए जनपद की आठ पुलिस टीमें लगाई गई हैं। पुलिस टीमें जसोई गांव और आसपास के क्षेत्रों में कांबिंग कर रही हैं। संदिग्धों के भागने के संभावित रास्तों और अन्य स्थानों पर भी तलाश की जा रही है।

एसएसपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए संदिग्धों की तलाश में जुटी है।

हालांकि, घटना के बाद तत्काल हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी को लेकर कोई अंतिम आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई थी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए अभियान लगातार जारी है।

देर रात सहारनपुर रेंज के डीआईजी अभिषेक सिंह ने किया निरीक्षण

पुलिसकर्मी को गोली मारे जाने की घटना की गंभीरता को देखते हुए सहारनपुर रेंज के डीआईजी अभिषेक सिंह भी देर रात घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मौके का निरीक्षण किया और मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

डीआईजी ने हमलावरों की तलाश में चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि फायरिंग करने वाले आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

डीआईजी के निरीक्षण के दौरान पुलिस की ओर से की जा रही कार्रवाई और तलाश अभियान से संबंधित जानकारी भी साझा की गई। इसके बाद पुलिस टीमें क्षेत्र में लगातार दबिश और कांबिंग में जुटी रहीं।

अस्पताल पहुंचकर घायल पुलिसकर्मी का जाना हाल

घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद एसएसपी सूरज कुमार राय, एसपी सिटी अमृत जैन और एसपी देहात अक्षय संजय महाडीक आनंद अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने घायल हेड कांस्टेबल अजीत कुमार के स्वास्थ्य की जानकारी ली और चिकित्सकों से उनके उपचार के संबंध में बातचीत की।

वरिष्ठ अधिकारियों ने बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पुलिस के अनुसार, घायल हेड कांस्टेबल की हालत खतरे से बाहर है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है।

पुलिस प्रशासन की ओर से मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।

आखिर कौन थे हमलावर, जांच में जुटी पुलिस

तितावी थाना क्षेत्र के जसोई गांव के पास हुई इस घटना में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि पुलिस को देखकर भागने वाले संदिग्ध कौन थे और उन्होंने फायरिंग क्यों की। फिलहाल उनकी पहचान, संख्या और घटना के पीछे की वजह को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। साथ ही, संदिग्धों की तलाश के लिए आसपास के क्षेत्रों में अभियान चलाया जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हेड कांस्टेबल पर फायरिंग करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

पुलिस महकमे में सतर्कता, गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी

जसोई गांव के पास चेकिंग के दौरान पुलिस टीम पर हुई फायरिंग ने जिले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी है। घटना के तुरंत बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आठ पुलिस टीमों को आरोपियों की तलाश में लगाया।

घायल हेड कांस्टेबल अजीत कुमार का आनंद अस्पताल में उपचार जारी है और पुलिस के अनुसार उनकी हालत खतरे से बाहर है। वहीं, हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश और कांबिंग कर रही है। अब पुलिस की प्राथमिकता आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना और घटना के पीछे की पूरी वजह का पता लगाना है।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *