मुजफ्फरनगर। नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में फरार चल रहे आरोपी पति-पत्नी को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (एएचटी) थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों को बुधवार, 19 अगस्त को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी एटा जिले के रहने वाले हैं। इससे पहले पुलिस नाबालिग लड़की को 17 अगस्त को उन्नाव टोल प्लाजा से सकुशल बरामद कर चुकी थी।

पुलिस के मुताबिक, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत एएचटी थाना प्रभारी सतेन्द्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए गजेन्द्र और उसकी पत्नी मुस्कान को गिरफ्तार किया।

2025 में दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस के अनुसार, 6 मार्च 2025 को नाबालिग लड़की के परिजनों ने थाना कोतवाली नगर में शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपहरण कर लिया गया है। शिकायत के आधार पर मुकदमा अपराध संख्या 67/2025 दर्ज किया गया था।
बाद में मामले की जांच थाना कोतवाली नगर से एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाने को सौंप दी गई। इसके बाद पुलिस ने नाबालिग की तलाश और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कीं।
उन्नाव टोल प्लाजा से मिली थी नाबालिग
लगातार तलाश के बाद एएचटी पुलिस टीम ने 17 अगस्त 2026 को नाबालिग लड़की को उन्नाव टोल प्लाजा से सकुशल बरामद कर लिया। लड़की के मिलने के बाद पुलिस ने मामले में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज कर दी।
इसी क्रम में पुलिस ने बुधवार को गजेन्द्र और उसकी पत्नी मुस्कान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी एटा जिले के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम नंगला सेवा के रहने वाले हैं।
एएचटी पुलिस टीम ने की गिरफ्तारी
आरोपी दंपती की गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक रामअवतार सिंह, उपनिरीक्षक जगत सिंह, उपनिरीक्षक अमनेह सिंह, महिला हेड कांस्टेबल रूबी और कांस्टेबल चालक जयप्रकाश शामिल रहे।
पुलिस का कहना है कि नाबालिग को सकुशल बरामद करने के बाद अब मामले में वांछित दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

