मुजफ्फरनगर में नशे के काले कारोबार पर पुलिस का बड़ा प्रहार: हाईवे पर बैग लेकर खड़ा था कासिफ, तलाशी में निकले 720 प्रतिबंधित कैप्सूल; मुख्य सप्लायर सचिन गुप्ता फरार

मुजफ्फरनगर में नशे के काले कारोबार पर पुलिस का बड़ा प्रहार: हाईवे पर बैग लेकर खड़ा था कासिफ, तलाशी में निकले 720 प्रतिबंधित कैप्सूल; मुख्य सप्लायर सचिन गुप्ता फरार

मुजफ्फरनगर। जिले में प्रतिबंधित और नशीली दवाओं की अवैध तस्करी एवं बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नई मंडी थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मेरठ-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 720 स्पासमोविल-प्लस कैप्सूल बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान कासिफ निवासी अंबा विहार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने कैप्सूल की खेप सचिन गुप्ता नामक व्यक्ति से खरीदने की बात बताई है। पुलिस ने उसे भी मुकदमे में नामजद करते हुए उसकी तलाश शुरू कर दी है।

हाईवे पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने की घेराबंदी

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, उपनिरीक्षक अनुभव चौधरी पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर चेकिंग अभियान चला रहे थे। इस दौरान नसीरपुर की नई पुलिया के समीप संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों पर नजर रखी जा रही थी।

इसी बीच मेरठ-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित एक धर्मकांटे के पास काले रंग का बैग लेकर खड़ा एक युवक पुलिस टीम को देखकर छिपने का प्रयास करने लगा। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिसकर्मियों ने तत्काल घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान उसके पास मौजूद बैग से तीन डिब्बों में रखे कुल 720 स्पासमोविल-प्लस कैप्सूल बरामद हुए। इसके बाद पुलिस आरोपी को थाने ले आई और उससे पूछताछ शुरू की।

पूछताछ में सचिन गुप्ता का नाम आया सामने

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी कासिफ ने बताया कि वह अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से इन कैप्सूलों को मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से बेचने जा रहा था। आरोपी ने यह भी बताया कि उसने कैप्सूल की खेप सचिन गुप्ता नामक व्यक्ति से खरीदी थी।

आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने सचिन गुप्ता को भी मामले में नामजद किया है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि प्रतिबंधित दवाओं की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं। मुख्य सप्लायर बताए जा रहे सचिन गुप्ता की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है।

सीओ और ड्रग इंस्पेक्टर की मौजूदगी में हुई बरामदगी की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ नई मंडी राजू कुमार साव और ड्रग इंस्पेक्टर देशबंधु विमल भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में बरामद कैप्सूलों की गिनती और वजन कराया गया। पुलिस के अनुसार, कुल 720 कैप्सूल बरामद हुए, जिनका कुल वजन 277.2 ग्राम बताया गया है। प्रत्येक कैप्सूल का वजन लगभग 385 मिलीग्राम बताया गया।

बरामद दवा में एसिटामिनोफिन, ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड और डाइक्लोमाइन हाइड्रोक्लोराइड साल्ट होने की जानकारी दी गई है। अधिकारियों ने बरामद दवाओं के संबंध में आवश्यक जानकारी जुटाई और उनके भंडारण तथा बिक्री से जुड़े नियमों की भी जांच की।

एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज

ड्रग इंस्पेक्टर देशबंधु विमल के अनुसार, संबंधित दवाओं की बिक्री और आपूर्ति निर्धारित नियमों तथा आवश्यक चिकित्सकीय पर्चे और लाइसेंस संबंधी शर्तों के अधीन होती है। बिना वैध अनुमति और निर्धारित प्रक्रिया के इनका भंडारण, परिवहन या बिक्री किए जाने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

पुलिस ने आरोपी कासिफ के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 21 और 22 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। बरामद कैप्सूलों को कब्जे में लेकर मामले की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस

सीओ नई मंडी राजू कुमार साव ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच के लिए उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार द्विवेदी को विवेचना अधिकारी नियुक्त किया गया है। पुलिस की विशेष टीम फरार आरोपी सचिन गुप्ता की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई कहां से की जा रही थी, इन्हें किन-किन क्षेत्रों में पहुंचाया जाना था और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 720 कैप्सूलों की बरामदगी के बाद अब पुलिस की निगाहें इस कथित सप्लाई नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने पर टिकी हैं।

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