मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में एक बेहद दर्दनाक घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। रतनपुरी थाना क्षेत्र के रायपुर नगली गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय में खेलकूद प्रतियोगिता के दौरान कक्षा चार में पढ़ने वाला 10 वर्षीय छात्र निहाल अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। छात्र की हालत बिगड़ते देख विद्यालय में अफरा-तफरी मच गई। शिक्षकों और स्कूल कर्मचारियों ने बिना देर किए उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद मासूम की जान नहीं बचाई जा सकी। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक तौर पर मौत की वजह कार्डियक अटैक बताई जा रही है। हालांकि, मृत्यु के वास्तविक कारण की पुष्टि चिकित्सकीय जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पूरे गांव में शोक की लहर है।

सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती पर आयोजित हुई थी खेलकूद प्रतियोगिता

जानकारी के अनुसार, घटना शनिवार की है। विद्यालय में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर खेलकूद कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें विद्यालय के छात्र-छात्राएं उत्साह के साथ विभिन्न खेल गतिविधियों में भाग ले रहे थे। इसी दौरान कक्षा चार का छात्र निहाल भी दौड़ प्रतियोगिता में शामिल हुआ था।
बताया गया कि दौड़ प्रतियोगिता के दौरान अचानक निहाल की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। कुछ देर पहले तक सामान्य रूप से खेल रहे छात्र को इस हालत में देखकर शिक्षकों और अन्य बच्चों में घबराहट फैल गई। विद्यालय के कर्मचारियों ने तत्काल छात्र को संभाला और उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की।
पहले खतौली सरकारी अस्पताल ले गए, फिर बेगराजपुर किया रेफर
स्कूल प्रशासन की ओर से तत्काल छात्र को खतौली स्थित सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने उसकी स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार किया और बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए मुजफ्फरनगर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे बेगराजपुर स्थित अस्पताल लेकर पहुंचे।
मृतक छात्र के पिता प्रमोद के अनुसार, बेगराजपुर अस्पताल में चिकित्सकों ने करीब दस मिनट तक बच्चे की जांच की। इसके बाद डॉक्टरों ने बताया कि उसकी धड़कन बंद हो चुकी है। चिकित्सकों ने प्रारंभिक तौर पर कार्डियक अटैक की आशंका जताई। परिवार के लिए यह खबर किसी बड़े सदमे से कम नहीं थी। जिस बेटे को वे उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे थे, उसकी मौत की खबर सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
अहोई अष्टमी से एक दिन पहले मां की गोद सूनी, परिवार में मचा कोहराम
मासूम निहाल की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अहोई अष्टमी के व्रत से ठीक एक दिन पहले बेटे की मौत की खबर ने मां को गहरे सदमे में डाल दिया। जिस घर में बच्चे की हंसी और शरारतों से रौनक रहती थी, वहां अचानक मातम छा गया। मां और पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
बताया गया कि निहाल अपने परिवार में तीन बहनों का इकलौता भाई था। चार बच्चों में वह अकेला बेटा था और गांव के कंपोजिट विद्यालय में कक्षा चार में पढ़ता था। परिवार को अपने इकलौते बेटे से काफी उम्मीदें थीं। उसकी अचानक हुई मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव के लोग भी शोक जताने के लिए परिवार के घर पहुंचने लगे।
बीएसए संदीप कुमार ने घटना की पुष्टि की
मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि विद्यालय में खेलकूद गतिविधियों के दौरान छात्र अचानक बेहोश होकर गिर गया था। स्कूल प्रशासन की ओर से तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छात्र की मौत कार्डियक अटैक के कारण होने की आशंका जताई गई है।
बीएसए ने बताया कि घटना की जानकारी सामने आने के बाद पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है। विद्यालय की ओर से छात्र को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल पहुंचाया गया था।
पिता बोले, स्कूल जाते समय बिल्कुल ठीक था बेटा
मृतक छात्र के पिता प्रमोद ने बताया कि उनका बेटा रोज की तरह बिल्कुल ठीक अवस्था में स्कूल गया था। उसे पहले कभी इस तरह की कोई स्वास्थ्य संबंधी परेशानी नहीं हुई थी। विद्यालय में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर खेलकूद कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान दौड़ प्रतियोगिता में भाग लेते समय निहाल अचानक गिर पड़ा।
पिता के मुताबिक, शिक्षकों ने घटना के तुरंत बाद बच्चे को अस्पताल पहुंचाया। पहले खतौली के सरकारी अस्पताल ले जाया गया और वहां से मुजफ्फरनगर रेफर कर दिया गया। इसके बाद वे बच्चे को बेगराजपुर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसकी मौत की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि उनके चार बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां और एक बेटा था। निहाल परिवार का इकलौता बेटा था। उसे पहले कभी ऐसी कोई गंभीर परेशानी नहीं हुई थी। अचानक हुई इस घटना ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है।
मासूम की मौत से गांव में शोक, परिवार को नहीं हो रहा विश्वास
दस वर्षीय निहाल की मौत की खबर से रायपुर नगली गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों के मुताबिक, मासूम की मौत की खबर सुनकर हर कोई स्तब्ध है। जिस उम्र में बच्चे खेलकूद और पढ़ाई के जरिए अपने सपनों को संवारते हैं, उस उम्र में निहाल का इस तरह दुनिया से चले जाना बेहद दुखद है।
फिलहाल चिकित्सकों की ओर से प्रारंभिक तौर पर कार्डियक अटैक की आशंका जताई गई है, लेकिन मौत के वास्तविक कारण को लेकर अंतिम चिकित्सकीय पुष्टि का इंतजार है। इस हृदयविदारक घटना ने विद्यालय परिवार, ग्रामीणों और पूरे शिक्षा जगत को गहरे सदमे में डाल दिया है।

