मुजफ्फरनगर। छपार थाना क्षेत्र के ताजपुर कलां गांव में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। गांव निवासी विनय कुमार पुत्र पुष्पेंद्र ने दो परिचित युवकों पर विश्वास का फायदा उठाकर उनकी स्कॉर्पियो एन कार हड़पने और किसी तीसरे व्यक्ति के पास गिरवी रखने का आरोप लगाया है। पीड़ित का आरोप है कि जब उसने अपनी कार वापस मांगी तो आरोपियों ने उसके बदले 15 लाख रुपये की मांग की। रकम नहीं देने पर कार कटवाने और पुलिस में शिकायत करने पर जान से मरवाने की धमकी देने का भी आरोप है। पीड़ित की शिकायत पर छपार थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

विनय कुमार के मुताबिक घटना 12 जून 2026 की है। दोपहर करीब एक बजे उसके परिचित विकास और रजत उसके पास पहुंचे। विकास पुत्र रपल सिंह सहारनपुर जिले के देवबंद थाना क्षेत्र के दयावाड़ा गांव का रहने वाला बताया गया है, जबकि रजत पुत्र प्रमोद हरिद्वार जिले के झबरेड़ा थाना क्षेत्र के बडपुर गांव का निवासी बताया गया है।

पीड़ित के अनुसार दोनों युवकों से उसकी पहले से जान-पहचान थी और इसी विश्वास के चलते दोनों ने उससे दो दिन के लिए कार मांगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दो दिन बाद उसकी कार सुरक्षित वापस कर देंगे। विनय ने उनकी बात पर विश्वास करते हुए अपनी स्कॉर्पियो एन कार संख्या UK07FY-0700 दोनों को दे दी।
पीड़ित का आरोप है कि दो दिन बीतने के बाद भी जब कार वापस नहीं आई तो उसने विकास और रजत से संपर्क करने का प्रयास किया। शुरुआत में दोनों से संपर्क नहीं हो सका और उनके मोबाइल फोन बंद आने लगे। कई दिन बीत जाने के बाद विनय ने दोनों के परिचितों से उनके बारे में जानकारी जुटानी शुरू की।
आरोप है कि इसी दौरान विनय को पता चला कि विकास और रजत उसकी कार को किसी अन्य व्यक्ति के पास गिरवी रख चुके हैं। पीड़ित के अनुसार कार सहारनपुर जिले के देवबंद थाना क्षेत्र के परौली गांव निवासी शंकर पुत्र बिजेंद्र के पास गिरवी रखी गई थी। विनय को यह भी जानकारी मिली कि दोनों आरोपी कथित तौर पर पहले भी अन्य लोगों के साथ इसी तरह की धोखाधड़ी कर चुके हैं।
कार वापस लेने के लिए विनय और उसके परिवार ने शंकर से संपर्क किया। आरोप है कि शंकर ने कार वापस करने से इनकार कर दिया और विनय के पिता पुष्पेंद्र के साथ गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।
इसके बाद किसी तरह विनय का संपर्क विकास और रजत से हुआ। पीड़ित के अनुसार दोनों ने कार गिरवी रखने की बात स्वीकार की। जब विनय ने अपनी कार वापस मांगी तो आरोपियों ने कथित तौर पर 15 लाख रुपये की मांग कर दी। आरोप है कि दोनों ने कहा कि रकम देने के बाद ही कार वापस मिलेगी। पैसे नहीं देने पर कार को कटवाकर चोर बाजार में बेचने की धमकी भी दी गई।
पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने उसे पुलिस में शिकायत करने पर जान से मरवाने की धमकी दी। साथ ही कथित तौर पर यह भी कहा कि वे पहले कई लोगों के साथ इसी तरह धोखाधड़ी कर चुके हैं। धमकियों के बाद विनय और उसका परिवार परेशान हो गया। पीड़ित के अनुसार आरोपी विकास और रजत पिछले कुछ समय से फरार हैं।
मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर विनय कुमार ने 22 जुलाई 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर को प्रार्थना पत्र दिया। शिकायत में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, कानूनी कार्रवाई करने और उसकी स्कॉर्पियो एन कार बरामद कराने की मांग की गई।
एसएसपी के निर्देश के बाद थाना छपार पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपों की सत्यता की जांच कर रही है। कार किस व्यक्ति के पास गिरवी रखी गई, उसके बदले कितनी रकम ली गई, कार की वर्तमान स्थिति क्या है और इस पूरे मामले में कितने लोग शामिल हैं, इन सभी बिंदुओं पर पुलिस जानकारी जुटा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, शिकायतकर्ता के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कार की बरामदगी के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।

