मुजफ्फरनगर। जिले के बहूपुरा गांव से दहेज उत्पीड़न का गंभीर मामला सामने आया है। एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष के चार लोगों पर अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना, मारपीट और घर से निकालने का आरोप लगाया है। विवाहिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति समेत चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

शादी के बाद पांच लाख रुपये और बुलेट की मांग का आरोप
बहूपुरा गांव निवासी शिवानी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसकी शादी 17 फरवरी 2023 को आखलौर गांव निवासी अनुज पुत्र मांगेराम के साथ हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार हुई थी। विवाहिता के मुताबिक, उसके मायके वालों ने शादी में अपनी सामर्थ्य के अनुसार करीब 14 लाख रुपये खर्च किए थे।

शिवानी का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष के लोग कम दहेज लाने का ताना देने लगे। इसके बाद उससे अतिरिक्त दहेज में पांच लाख रुपये नकद और बुलेट मोटरसाइकिल की मांग की जाने लगी। मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज, मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की जाती थी।
विवाहिता ने अपने पति अनुज, ससुर मांगेराम, सास अनिता और जेठ मोनू पर उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसे कई बार भूखा-प्यासा रखा गया।
समझौते के बाद फिर शुरू हुआ कथित उत्पीड़न
शिवानी के अनुसार, लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर दोनों परिवारों के बीच 11 अप्रैल 2024 को गांव के जिम्मेदार लोगों और रिश्तेदारों की मौजूदगी में बैठक हुई थी। बैठक में लिखित समझौता कराया गया और ससुराल पक्ष ने भविष्य में उसे परेशान नहीं करने का आश्वासन दिया।
आरोप है कि समझौते के बाद कुछ समय तक स्थिति सामान्य रही, लेकिन बाद में ससुराल वालों ने फिर से अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर उसे परेशान करना शुरू कर दिया।
गर्भावस्था में घर से निकालने का आरोप
विवाहिता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि करीब छह माह पहले दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि उस समय वह गर्भवती थी और उसे केवल पहने हुए कपड़ों में घर से बाहर निकाल दिया गया।
इसके बाद वह अपने मायके पहुंची और परिजनों को पूरी घटना बताई। परिवार वालों ने दोबारा पंचायत के माध्यम से मामला सुलझाने का प्रयास किया, जिसके बाद ससुराल पक्ष उसे अपने साथ ले गया।
बेटी के जन्म के बाद भी नहीं बदला व्यवहार
शिवानी के मुताबिक, ससुराल लौटने के बाद उसने एक बच्ची को जन्म दिया। बच्ची के जन्म पर मायके पक्ष ने छूछक की रस्म में करीब दो लाख रुपये का सामान और जेवर दिए। विवाहिता का आरोप है कि इसके बावजूद ससुराल वाले संतुष्ट नहीं हुए।
उसका आरोप है कि बेटी के जन्म को लेकर भी उसे ताने दिए गए और कहा गया कि उसने अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी नहीं कराई और ऊपर से बेटी को जन्म दे दिया।
दूधमुंही बच्ची के साथ घर से निकाले जाने का आरोप
शिवानी ने आरोप लगाया कि बेटी के जन्म के बाद उसके साथ फिर गाली-गलौज और मारपीट की जाने लगी। 11 नवंबर 2025 को कथित रूप से मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया गया। इसके बाद वह अपनी दूधमुंही बच्ची को लेकर मायके पहुंची।
परिजनों ने एक बार फिर ससुराल पक्ष से बातचीत कर मामला सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर विवाद खत्म नहीं हुआ।
पति समेत चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज
लगातार कथित प्रताड़ना से परेशान होकर शिवानी ने पुलिस से शिकायत की। उसकी तहरीर के आधार पर पुलिस ने पति अनुज, ससुर मांगेराम, सास अनिता और जेठ मोनू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस मामले में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोप विवाहिता की शिकायत पर आधारित हैं। आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगी।

