मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र के बुढ़ाना मोड़ पुलिस चौकी क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान होमगार्ड रतिराम की चाकू घोंपकर हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा और कड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने आरोपी दीपक पुत्र लाल सिंह निवासी डीलर वाली गली, नगर कोतवाली को दोषी करार देते हुए मृत्युदंड (फांसी की सजा) से दंडित किया है।

यह सनसनीखेज वारदात 4 जून 2020 की रात लगभग सवा 10 बजे की है, जब कांस्टेबल इस्लाम और होमगार्ड रतिराम गश्त पर थे। इसी दौरान डीलर वाली गली स्थित एक मकान से महिला के चीखने की आवाज आने पर दोनों पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे थे।

जानकारी के अनुसार, मौके पर आरोपी दीपक और उसकी मां राजबाला के बीच विवाद चल रहा था। पुलिसकर्मियों द्वारा बीच-बचाव करने पर आरोपी भड़क गया और उसने गाली-गलौज करते हुए होमगार्ड रतिराम के पेट में चाकू घोंप दिया। गंभीर रूप से घायल रतिराम को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां लंबी बीमारी के बाद 4 अक्टूबर 2020 को मेरठ में उनकी मृत्यु हो गई।
घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। शुरुआत में कांस्टेबल इस्लाम की तहरीर पर जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया गया था, लेकिन होमगार्ड की मौत के बाद मृतक के पुत्र अर्जुन की तहरीर पर मामले में हत्या की धाराएं बढ़ा दी गईं।
अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कुल 13 गवाह पेश किए गए। साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए उसे फांसी की सजा सुनाई।
फैसला सुनाते हुए अदालत ने टिप्पणी की कि जब कानून के रक्षक पर हमला होता है, तो यह केवल एक व्यक्ति पर नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की सुरक्षा भावना पर प्रहार होता है। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में सख्त सजा समाज में कानून के प्रति विश्वास को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
इस फैसले के साथ करीब 6 साल पुराने मामले का अंत हो गया और पीड़ित परिवार को न्याय मिला। वहीं, अदालत परिसर में सुरक्षा के बीच आरोपी को जेल भेजने की कार्रवाई पूरी की गई।
