मुजफ्फरनगर। चार साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी लापता बेटी का कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। घर से निकली 23 वर्षीय माहीन मिर्जा का अब तक पता नहीं चल सका है। बेटी की तलाश में जुटे परिजनों ने अब न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच गया है, जहां युवती के पिता सबाउद्दीन उर्फ बाबी मिर्जा ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की है। दूसरी ओर, खतौली पुलिस भी युवती की तलाश में जुटी हुई है और उसका हुलिया सार्वजनिक कर आम लोगों से जानकारी देने की अपील की गई है।

यह मामला मुजफ्फरनगर के खतौली थाना क्षेत्र के इस्लामनगर का है। पुलिस के अनुसार, माहीन मिर्जा 28 फरवरी 2022 को अपने घर से बिना बताए कहीं चली गई थी। उसके अचानक लापता होने के बाद परिवार ने अपने स्तर पर काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। समय गुजरने के साथ परिजनों की चिंता बढ़ती गई और बेटी की जानकारी पाने की उम्मीद में उन्होंने कानूनी कार्रवाई का सहारा लिया।

चार साल से बेटी की तलाश में जुटा परिवार
पुलिस के मुताबिक, इस्लामनगर निवासी माहीन मिर्जा के घर से लापता होने के बाद परिजनों ने उसकी तलाश के लिए लगातार प्रयास किए। रिश्तेदारों और परिचितों के बीच जानकारी जुटाने के बावजूद कोई ठोस सुराग नहीं मिला। लंबे समय तक बेटी के बारे में जानकारी नहीं मिलने से परिवार परेशान रहा।
माहीन के पिता सबाउद्दीन उर्फ बाबी मिर्जा ने तीन अक्टूबर 2026 को खतौली थाने पहुंचकर बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामले में तलाश की प्रक्रिया शुरू की। हालांकि, युवती के लापता होने और गुमशुदगी दर्ज कराने के बीच काफी समय का अंतर रहा है। अब पुलिस उसके संबंध में उपलब्ध जानकारी के आधार पर संभावित सुराग जुटाने में लगी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका
बेटी का लंबे समय तक पता नहीं चलने के बाद पिता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका संख्या 1254/2026 दाखिल की है। इस कदम के जरिए उन्होंने न्यायालय के समक्ष अपनी बेटी का पता लगाने से जुड़ा मामला उठाया है।
बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य किसी व्यक्ति को कथित अवैध हिरासत से मुक्त कराने या उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कराने से जुड़ा होता है। इस मामले में याचिका दाखिल होने की जानकारी सामने आई है, लेकिन इसके आधार पर माहीन की वर्तमान स्थिति के बारे में कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
परिवार को उम्मीद है कि न्यायालय में मामला पहुंचने के बाद बेटी की तलाश से जुड़े प्रयासों को गति मिलेगी और उसकी स्थिति के बारे में कोई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। फिलहाल युवती के बारे में कोई पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।
पुलिस ने जारी किया युवती का हुलिया
खतौली पुलिस माहीन मिर्जा की तलाश के लिए उसका हुलिया साझा कर रही है। पुलिस ने अन्य थानों से भी सहयोग मांगा है, ताकि युवती के संबंध में कहीं से कोई जानकारी मिलने पर उसका सत्यापन कर आगे की कार्रवाई की जा सके।
पुलिस के अनुसार, लापता युवती का रंग गोरा, शरीर इकहरा और कद करीब पांच फुट दो इंच है। घर से लापता होने के समय उसने हरे रंग की कुर्ती और सुनहरी पजामी पहन रखी थी। उसके पैरों में चप्पल थीं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को युवती के बारे में कोई जानकारी मिले या वह कहीं दिखाई दे, तो तत्काल खतौली पुलिस को सूचित करें। अधिकारियों का कहना है कि आम लोगों से मिलने वाली छोटी-सी जानकारी भी लापता युवती का पता लगाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से सहयोग की अपील की
माहीन की तलाश के संबंध में उपनिरीक्षक तेजवीर सिंह और थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश चंद्र बघेल की ओर से लोगों से सहयोग करने की अपील की जा रही है। पुलिस का प्रयास है कि युवती के हुलिये और लापता होने से संबंधित जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे, जिससे संभावित सुराग मिल सकें।
पुलिस अन्य थानों के माध्यम से भी जानकारी साझा कर रही है। किसी भी संभावित सूचना पर कार्रवाई करने से पहले उसका सत्यापन किया जाएगा, ताकि युवती की तलाश को सही दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।
परिवार को अब भी बेटी के लौटने का इंतजार
माहीन के लापता होने के बाद से परिवार उसके बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद लगाए हुए है। चार साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उसका पता नहीं चलना परिजनों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। अब मामला हाईकोर्ट पहुंचने और पुलिस की ओर से हुलिया साझा किए जाने के बाद परिवार को उम्मीद है कि कोई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है।
फिलहाल माहीन मिर्जा की तलाश जारी है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि युवती के संबंध में किसी भी प्रकार की विश्वसनीय जानकारी मिलने पर खतौली थाने को सूचित करें, ताकि मामले में आगे की कार्रवाई की जा सके।

