मुजफ्फरनगर। रतनपुरी थाना क्षेत्र के ग्राम फुलत में ग्राम सभा की जमीन पर बने दारूल उलूम रहीमिया मदरसे के अवैध कब्जे और निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी है। राजस्व न्यायालय के आदेश के अनुपालन में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मदरसे के अवैध निर्माण को हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई 22 अगस्त 2026 से शुरू हुई है और अवैध निर्माण पूरी तरह हटाए जाने तक जारी रहेगी।

कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और शांतिपूर्ण बनी हुई है।

शिकायत के बाद शुरू हुई थी जांच
पुलिस के अनुसार, पूरे मामले की शुरुआत एक शिकायत से हुई थी। शिकायतकर्ता ने थाना रतनपुरी में लिखित तहरीर देकर आरोप लगाया था कि ग्राम फुलत में ग्राम सभा की सार्वजनिक भूमि पर गैरकानूनी तरीके से दारूल उलूम रहीमिया मदरसे का निर्माण किया गया है। शिकायत में मदरसे के संचालन के साथ धर्मांतरण से जुड़े आरोप भी लगाए गए थे।
शिकायत के आधार पर थाना रतनपुरी में मुकदमा अपराध संख्या 98/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 352 और 351(2) तथा उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संप्रवर्तन अधिनियम 2021 की धारा 3 और 5(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान ग्राम फुलत निवासी मौलाना हिफजुर्रहमान उर्फ हफीजुर्रहमान अंसारी पुत्र अब्दुल रज्जाक अंसारी, उनके पुत्र जुबैर अंसारी और जुनैद अंसारी को मामले में आरोपी बनाया गया।
पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को जुनैद अंसारी पुत्र हिफजुर्रहमान उर्फ हफीजुर्रहमान अंसारी को गिरफ्तार किया गया था। वह वर्तमान में मुजफ्फरनगर जिला कारागार में बंद है।
राजस्व न्यायालय के आदेश के बाद कार्रवाई
मदरसे के निर्माण के लिए इस्तेमाल की गई जमीन को लेकर राजस्व न्यायालय में भी मामला चल रहा था। पुलिस के मुताबिक यह मामला अपर जिलाधिकारी न्यायिक, मुजफ्फरनगर की अदालत में विचाराधीन था।
मामले की सुनवाई के बाद 17 अगस्त 2026 को अपर जिलाधिकारी न्यायिक की अदालत ने मदरसा पक्ष की अपील खारिज कर दी। इसके साथ ही तहसीलदार न्यायिक, खतौली की ओर से पूर्व में दिए गए आदेश को बरकरार रखा गया।
राजस्व न्यायालय के आदेश के अनुसार उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 67(5) के तहत संबंधित भूमि को सार्वजनिक भूमि माना गया। इसी आदेश के अनुपालन में प्रशासन ने जमीन से कथित अवैध कब्जा हटाने और वहां किए गए निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की।
22 अगस्त से शुरू हुआ ध्वस्तीकरण अभियान
प्रशासन की ओर से 22 अगस्त 2026 से ग्राम फुलत स्थित दारूल उलूम रहीमिया मदरसे के अवैध निर्माण को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों के मुताबिक जब तक संबंधित अवैध कब्जा और निर्माण पूरी तरह हटा नहीं दिया जाता, तब तक अभियान जारी रहेगा।
कार्रवाई के दौरान प्रशासन की ओर से राजस्व न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण का काम कराया जा रहा है।
भारी पुलिस बल की तैनाती
ध्वस्तीकरण अभियान को देखते हुए रतनपुरी थाना पुलिस के साथ अतिरिक्त पुलिस बल भी मौके पर तैनात किया गया है। अधिकारियों का उद्देश्य किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल मौके पर स्थिति सामान्य और शांतिपूर्ण है। पुलिस बल को लगातार मुस्तैद रखा गया है और पूरी कार्रवाई अधिकारियों की निगरानी में कराई जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में कार्रवाई
प्रशासन की यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में की जा रही है। उनके निर्देश पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक, क्षेत्राधिकारी बुढ़ाना गजेन्द्र पाल सिंह और थाना प्रभारी रतनपुरी राकेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर मौजूद है।
प्रशासन का कहना है कि राजस्व न्यायालय के आदेश के अनुपालन में पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों की निगरानी में ध्वस्तीकरण अभियान जारी है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

