मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र में पुलिस और गौकशी की कथित तैयारी कर रहे आरोपियों के बीच मुठभेड़ का मामला सामने आया है। न्याजूपुरा से काली नदी की ओर जाने वाले सुनसान मार्ग के जंगल में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश को पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने कांबिंग अभियान चलाकर तीन अन्य आरोपियों को भी पकड़ लिया। मौके से एक जिंदा गौवंशीय पशु को सकुशल मुक्त कराने के साथ ही अवैध तमंचा, कारतूस और गौकशी में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हुए तीन अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस जंगल और आसपास के क्षेत्रों में कांबिंग कर रही है।

मुखबिर की सूचना पर जंगल में पहुंची पुलिस
शहर कोतवाली पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि न्याजूपुरा से काली नदी की ओर जाने वाले मार्ग पर जंगल के बीच कुछ लोग एक गौवंशीय पशु को बांधकर गौकशी करने की तैयारी में हैं।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तत्काल बताए गए स्थान की ओर रवाना हुई। पुलिस ने जंगल के आसपास घेराबंदी शुरू कर दी। जैसे ही पुलिस टीम संदिग्ध स्थान के नजदीक पहुंची, वहां कुछ लोग एक जिंदा गौवंशीय पशु के साथ मौजूद दिखाई दिए।
पुलिस के मुताबिक खुद को घिरता देखकर आरोपियों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से पुलिसकर्मियों में भी हलचल मच गई, लेकिन पुलिस टीम ने सतर्कता दिखाते हुए खुद को सुरक्षित किया।
जवाबी फायरिंग में हिस्ट्रीशीटर के पैर में लगी गोली
पुलिस का कहना है कि अपनी सुरक्षा में पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान एक बदमाश के पैर में गोली लग गई और वह घायल होकर मौके पर गिर पड़ा।
पुलिस ने घायल बदमाश को तत्काल हिरासत में लिया। उसकी पहचान शोएब उर्फ भूरा पुत्र सलीम निवासी मिमलाना रोड, न्याजूपुरा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार घायल आरोपी को प्राथमिक उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शोएब के घायल होने के बाद पुलिस ने आसपास के जंगल को घेर लिया और फरार आरोपियों की तलाश में सघन कांबिंग अभियान शुरू कर दिया।
कांबिंग के दौरान तीन अन्य आरोपी दबोचे
मुख्य आरोपी के घायल होकर पकड़े जाने के बाद पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाकर जंगल के बड़े हिस्से में तलाशी अभियान चलाया। पुलिस टीम ने संभावित रास्तों और झाड़ियों में तलाश करते हुए तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शोएब उर्फ भूरा पुत्र सलीम निवासी मिमलाना रोड न्याजूपुरा, जावेद पुत्र शमशाद निवासी गीलर वाली गली थाना खालापार, अफसर अली पुत्र फजर अली निवासी मिमलाना और उम्मेद पुत्र तौफीक निवासी चिड़ा चाट वाली गली थाना खालापार के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार मामले में तीन अन्य आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे। उनकी तलाश के लिए पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
मौके से तमंचा और कारतूस बरामद
पुलिस ने मुठभेड़ स्थल और गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से अवैध असलहा भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार मौके से 315 बोर का एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद हुआ है।
इसके अलावा पुलिस ने गौकशी में इस्तेमाल किए जाने वाले बताए गए उपकरण भी बरामद किए हैं। इनमें दाब, छुरी, रस्सी, लकड़ी का भारी गुटका और प्लास्टिक के बोरे शामिल हैं।
सबसे अहम बात यह रही कि पुलिस ने मौके से बंधे हुए एक जिंदा गौवंशीय पशु को भी सकुशल मुक्त करा लिया।
हिस्ट्रीशीटर है शोएब उर्फ भूरा
पुलिस के अनुसार मुठभेड़ में घायल हुआ शोएब उर्फ भूरा थाना कोतवाली नगर का चिह्नित हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस के मुताबिक शोएब के खिलाफ गौवध निवारण अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब उसके आपराधिक नेटवर्क और अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
गौकशी के नेटवर्क की भी होगी पड़ताल
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जंगल में कथित गौकशी की तैयारी के पीछे कौन लोग शामिल थे और गिरफ्तार आरोपियों का किसी बड़े गिरोह से संबंध है या नहीं।
जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गौवंशीय पशु को कहां से लाया गया था और इस कथित अवैध गतिविधि में किसी स्थानीय सप्लायर या खरीदार की भूमिका तो नहीं थी।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

