मुजफ्फरनगर। किसानों को निर्धारित दरों पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने और खाद की बिक्री में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग ने जिले में उर्वरक विक्रेताओं और विनिर्माताओं के प्रतिष्ठानों पर अचानक जांच अभियान चलाया। इस दौरान विभागीय टीम ने कुल 28 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया और उर्वरकों के 13 नमूने एकत्र किए। निरीक्षण के दौरान नियमों का पालन नहीं करने पर एक विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य खाद की गुणवत्ता पर निगरानी रखने के साथ ही किसानों को निर्धारित दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराना है।

जिला कृषि अधिकारी राहुल सिंह तेवतिया ने बताया कि शासन के निर्देशों और जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के आदेशों के अनुपालन में जिले में यह अभियान चलाया गया। इसके लिए कृषि विभाग की ओर से विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने विभिन्न उर्वरक बिक्री केंद्रों और विनिर्माताओं के प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर खाद की उपलब्धता, बिक्री व्यवस्था, स्टॉक और संबंधित अभिलेखों की जांच की।

28 प्रतिष्ठानों की जांच, उर्वरकों के 13 नमूने एकत्र
कृषि विभाग के अभियान के दौरान जिले में खाद की बिक्री और वितरण से जुड़े कुल 28 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने उर्वरकों की गुणवत्ता की जांच के लिए 13 नमूने भी एकत्र किए हैं। इन नमूनों के माध्यम से उर्वरकों की गुणवत्ता से संबंधित निर्धारित मानकों की जांच की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान विभागीय टीम ने प्रतिष्ठानों पर उपलब्ध खाद के स्टॉक और बिक्री की व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने यह भी देखा कि उर्वरकों की बिक्री निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है या नहीं। जांच के दौरान नियमों का पालन नहीं करने वाले एक विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभागीय कार्रवाई के तहत संबंधित विक्रेता से नियमों के अनुपालन के संबंध में जवाब मांगा गया है।
स्टॉक और वितरण रजिस्टर अद्यतन रखने के निर्देश
जांच अभियान के दौरान कृषि विभाग की टीम ने उर्वरक विक्रेताओं के स्टॉक रजिस्टर और वितरण से जुड़े अभिलेखों की भी पड़ताल की। अधिकारियों ने सभी विक्रेताओं को निर्देश दिए कि वे अपने स्टॉक और वितरण रजिस्टर नियमित रूप से अद्यतन रखें। खाद की खरीद, उपलब्धता और बिक्री से संबंधित सभी जरूरी अभिलेख नियमानुसार सुरक्षित रखे जाएं।
जिला कृषि अधिकारी ने स्पष्ट किया कि उर्वरकों की बिक्री में निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है। विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि वे किसानों को खाद उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की अनियमितता न करें और विभागीय नियमों के अनुसार ही बिक्री करें। अभिलेखों को दुरुस्त रखने से खाद की उपलब्धता और वितरण की निगरानी करने में मदद मिलती है।
पॉस मशीन से खाद बिक्री पर विभाग का जोर
कृषि विभाग ने अनुदानित उर्वरकों की बिक्री पॉस मशीन के माध्यम से सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, पॉस मशीन के जरिए बिक्री दर्ज होने से उर्वरकों के वितरण का रिकॉर्ड व्यवस्थित रहता है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलती है कि खाद की बिक्री निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है या नहीं।
निरीक्षण के दौरान विक्रेताओं को निर्देश दिए गए कि अनुदानित उर्वरकों का वितरण नियमानुसार पॉस मशीन के माध्यम से ही किया जाए। विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से खाद वितरण में पारदर्शिता बढ़ती है और अनियमितताओं पर नियंत्रण रखने में सहायता मिलती है।
अधिकारियों ने विक्रेताओं को यह भी निर्देश दिया कि किसानों को उर्वरक प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए खाद की बिक्री और वितरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को समय पर जरूरी उर्वरक मिल सकें।
कालाबाजारी और जमाखोरी का मामला नहीं मिलने का दावा
जिला कृषि अधिकारी राहुल सिंह तेवतिया ने बताया कि जनपद में सहकारी और निजी क्षेत्र के माध्यम से किसानों को निर्धारित दरों पर विभिन्न प्रकार के उर्वरक उपलब्ध कराए जा रहे हैं। विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस प्रवर्तन अभियान के दौरान जिले में खाद की कालाबाजारी या जमाखोरी का कोई मामला सामने नहीं आया।
विभाग ने स्पष्ट किया कि उर्वरकों की उपलब्धता, गुणवत्ता और बिक्री व्यवस्था पर निगरानी बनाए रखी जाएगी। किसानों को निर्धारित दरों पर खाद उपलब्ध कराने के साथ ही यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि अनुदानित उर्वरकों का वितरण नियमानुसार हो।
आगे भी जारी रहेगी निगरानी
कृषि विभाग की इस कार्रवाई को उर्वरक बिक्री व्यवस्था की निगरानी और नियमों के अनुपालन से जोड़कर देखा जा रहा है। विभागीय टीम ने प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूने एकत्र किए हैं और नियमों का पालन नहीं करने वाले एक विक्रेता के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
जिला कृषि अधिकारी ने विक्रेताओं से नियमों का पालन करने, अभिलेख अद्यतन रखने और पॉस मशीन के माध्यम से अनुदानित उर्वरकों की बिक्री सुनिश्चित करने की अपेक्षा की है। विभाग के अनुसार, किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आगे भी निगरानी जारी रहेगी।

