मुजफ्फरनगर में कैडबरी डार्क चॉकलेट में मिले कीड़े और फंगस! खाने से 10 साल के बच्चे की बिगड़ी हालत, अस्पताल में भर्ती; रिलायंस स्मार्ट पर कार्रवाई की मांग

मुजफ्फरनगर में कैडबरी डार्क चॉकलेट में मिले कीड़े और फंगस! खाने से 10 साल के बच्चे की बिगड़ी हालत, अस्पताल में भर्ती; रिलायंस स्मार्ट पर कार्रवाई की मांग

मुजफ्फरनगर। शहर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और बच्चों की सेहत से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। नई मंडी क्षेत्र स्थित रिलायंस स्मार्ट बाजार से खरीदी गई कैडबरी डार्क चॉकलेट में कीड़े और फंगस मिलने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि चॉकलेट खाने के बाद उनके 10 वर्षीय बेटे की तबीयत बिगड़ गई। बच्चे को पेट में तेज दर्द, उल्टियां और खांसी की शिकायत होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर संबंधित प्रतिष्ठान के प्रबंधक और चॉकलेट निर्माता कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

शहर के सरवट गेट उत्तरी निवासी अमजद सैफी पुत्र अब्दुल अजीज ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उन्होंने एक नवंबर 2026 को सुबह करीब साढ़े दस बजे मयूर महल के निकट आदर्श कॉलोनी लिंक रोड स्थित रिलायंस स्मार्ट बाजार से अपने बच्चों के लिए चॉकलेट खरीदी थी। आरोप है कि उसी रात उनके 10 वर्षीय बेटे जिदान सैफी ने चॉकलेट खाई। कुछ समय बाद ही बच्चे के पेट में तेज दर्द शुरू हो गया और उसे लगातार उल्टियां होने लगीं। इसके साथ ही खांसी की शिकायत भी सामने आई। बच्चे की अचानक बिगड़ी हालत देखकर परिवार के लोग घबरा गए।

स्कूल पहुंचते ही दोबारा बिगड़ी बच्चे की तबीयत

शिकायतकर्ता के अनुसार, अगले दिन सुबह बच्चे की तबीयत कुछ बेहतर महसूस हुई तो वह स्कूल चला गया, लेकिन स्कूल पहुंचने के बाद उसकी हालत फिर बिगड़ गई। उसे दोबारा उल्टियां होने लगीं और पेट में तेज दर्द की शिकायत हुई। हालत खराब होने के कारण उसे स्कूल से वापस घर लौटना पड़ा। परिजन तत्काल बच्चे को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसकी स्थिति को देखते हुए भर्ती कर लिया।

अमजद सैफी ने अपने शिकायती पत्र के साथ बच्चे के उपचार से संबंधित चिकित्सीय दस्तावेज भी संलग्न किए हैं। उनका आरोप है कि चॉकलेट खाने के बाद ही बच्चे की तबीयत बिगड़ी। हालांकि, बच्चे की बीमारी और चॉकलेट के बीच चिकित्सकीय संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

दूसरी चॉकलेट के रैपर खुलवाने पर भी कीड़े मिलने का दावा

शिकायतकर्ता ने बताया कि दो नवंबर को वह मामले की जानकारी लेने और चॉकलेट की गुणवत्ता की जांच कराने के लिए दोबारा रिलायंस स्मार्ट बाजार पहुंचे थे। वहां उन्होंने कर्मचारियों से काउंटर पर रखी अन्य चॉकलेट के रैपर खुलवाकर जांच करने का आग्रह किया। आरोप है कि कर्मचारियों की मौजूदगी में जब दूसरी चॉकलेट के पैकेट खोले गए तो उनमें भी कीड़े और फंगस दिखाई दिए।

अमजद सैफी का दावा है कि उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग अपने मोबाइल फोन में कर ली है। उनका कहना है कि यह वीडियो मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से वीडियो रिकॉर्डिंग और चॉकलेट के नमूनों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

112 पर सूचना देने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप

शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्होंने मामले की जानकारी पत्रकारों के माध्यम से सार्वजनिक करने के साथ ही पुलिस आपातकालीन नंबर 112 पर भी दी थी। इसके बावजूद उन्हें अब तक किसी संतोषजनक कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और थाना नई मंडी प्रभारी को मामले की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए जाएं।

शिकायतकर्ता ने रिलायंस स्मार्ट बाजार के प्रबंधक और संबंधित चॉकलेट निर्माता कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। साथ ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने और संबंधित उत्पाद के नमूने लेकर राजकीय प्रयोगशाला में जांच कराने की मांग उठाई है।

व्यापारी नेताओं ने डीएम से मिलकर उठाया मामला

बुधवार को अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी जिलाधिकारी से मिले और पूरे मामले को गंभीर बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों की जिम्मेदारी है कि वे उपभोक्ताओं को सुरक्षित और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएं। यदि किसी खाद्य उत्पाद में कीड़े और फंगस मिलने की शिकायत सामने आती है तो उसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने मांग की कि संबंधित चॉकलेट और उसी बैच के अन्य उत्पादों के नमूने लेकर जांच कराई जाए। यदि शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित विक्रेता प्रतिष्ठान और निर्माता कंपनी के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों के खाने-पीने से जुड़े उत्पादों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।

कई व्यापारी पदाधिकारी रहे मौजूद

जिलाधिकारी से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में शिकायतकर्ता अमजद सैफी के अलावा जयपाल शर्मा, अंशुमान अग्रवाल, तारिक फारूकी, नीरज बंसल, प्रमोद त्यागी, परवीन धीमान, राजीव गुप्ता, नरेश अरोड़ा, अभिषेक शर्मा, अतुल जैन, आशु त्यागी और प्रताप सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

बच्चों की सेहत से जुड़े मामले में जांच की मांग

इस मामले ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की निगरानी और बड़े रिटेल प्रतिष्ठानों में बिकने वाले पैक्ड उत्पादों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ता ने संबंधित चॉकलेट के नमूनों की जांच, वीडियो साक्ष्यों की पड़ताल और बच्चे के उपचार से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। अब इस पूरे मामले में प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच तथा प्रयोगशाला की रिपोर्ट का इंतजार है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकेगी।

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